नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी की जरूरतों के अनुरूप एक नई सहकारी नीति तैयार कर रही है और बैंकिंग, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने वाली बहुउद्देशीय समितियों की स्थापना पर काम कर रही है।
इससे रजिस्ट्रार सहकारी समितियां (आरसीएस) कार्यालय के डिजिटलीकरण से सहकारी संस्थाओं के लिए पारदर्शी, सरल और आनलाइन सेवाएं सुनिश्चित होंगी।
यह जानकारी केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के पांच साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमवार को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में रजिस्ट्रार सहकारी समितियों द्वारा आयोजित ”सहकारिता सप्ताह-2026” के समापन समारोह में सामने आई।
विकसित भारत में योगदान
अधिकारियों ने कहा, ‘दिल्ली की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप एक नई सहकारी नीति तैयार की जा रही है और बैंकिंग, परिवहन, सार्वजनिक सेवाएं, सामान्य सेवा केंद्र और अन्य नागरिक-केंद्रित सुविधाओं जैसी सेवाओं को सहकारी ढांचे के तहत एकीकृत करने के लिए बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की स्थापना के प्रयास जारी हैं।’
सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा पिछले पांच वर्षों में उठाए गए कदमों से देश भर में सहकारी आंदोलन को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मछुआरों, छोटे व्यापारियों और समाज के अन्य वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और साथ ही विकसित भारत के सपने को साकार करने में भी योगदान दे रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान, सहकारी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए विभिन्न सहकारी संस्थाओं, पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

