साहिबाबाद। मानसून की पहली वर्षा में ही सिस्टम के दावे पूरी तरह से फेल हो गए। सालभर नगर निगम, जीडीए, आवास विकास, जिला प्रशासन समेत तमाम विभाग जिन कार्यों को कराने के दावे करते हैं, उन्होंने दम तोड़ दिया।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र की सोसायटी और अपार्टमेंट के बेसमेंट की पार्किंग में चार से पांच फीट जलभराव होने से करीब 200 से अधिक वाहन खराब हो गए। वहीं, 100 से अधिक वाहन सड़कों पर चलते हुए खराब हो गए। लोगों के घरों में रखा सामान तक बर्बाद हो गया। हुक्मरानों की लापरवाही के कारण लोगों का करोड़ों का नुकसान हुआ।
इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी, शालीमार गार्डन, राजेंद्र नगर, साहिबाबाद, कनावनी, विधायक कालोनी, मोहननगर समेत ज्यादातर क्षेत्रों की कालोनियों के घरों में तीन फीट और सोसायटी के बेसमेंट में पांच फीट तक पानी भर गया। सोसायटी के बेसमेंट में जो वाहन खड़े हुए थे उन्हें लोग क्रेन से निकलवाने में जुटे रहे। जिन वाहनों को बाहर निकाला गया वह स्टार्ट ही नहीं हुए।
राजेंद्र नगर सेक्टर-पांच के आकाश प्लाजा के बेसमेंट में पार्किंग है। इसमें करीब 50 से अधिक गाड़ी खड़ी हुई थीं। बेसमेंट में जलभराव से ये सभी गाड़ियां डूब गईं। लोगों ने क्रेन मंगाकर एक-एक कर बाहर निकलवाया। निकाली गईं ज्यादातर चार पहिया और दो पहिया वाहन स्टार्ट ही नहीं हुए। इससे लोगों का बड़ा नुकसान हुआ है।
वसुंधरा सेक्टर-15 की प्रतीक ग्रैंड सोसायटी में बेसमेंट की दीवार गिर गई। यहां बाहर का पानी दीवार से होते हुए अंदर घुस गया। पार्किंग में खड़ी गाड़ी फंस गईं। राजेंद्र नगर सेक्टर-दो में राममनोहर लोहिया पार्क के सामने चलती हुई कार में पानी भरने से खराब हो गई।
बेसमेंट में तैरकर घुसे लोग, निकाले वाहन
राजेंद्र सेक्टर-पांच में अपार्टमेंट के बेसमेंट में करीब पांच फीट से अधिक पानी भर गया। लोग पानी में तैरकर जान जोखिम में डालकर अंदर घुसे और दो पहिया वाहनों को वापस निकाला। वहीं, 20 से अधिक चार पहिया वाहनों को नहीं निकाला जा सका। स्थानीय निवासी अजय कुमार ने बताया कि जलनिकासी की कोई व्यवस्था ही नहीं है। यही कारण है कि जलभराव हो जाता है।
वैशाली में सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़क में फंसी कार
वैशाली में जगह-जगह सीवर लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। वर्षा के कारण जलभराव होने से यहां स्थानीय लोगों की छह से सात कार फंस गए। कई कैब संचालकों की कार भी फंस गईं। स्थानीय निवासी धीरेंद्र भदौरिया ने बताया कि अगर समय से कार्य हो जाते तो वर्षा के दौरान ये समस्या नहीं आती।
घरों में रखा सामान खराब, व्यापारियों का 30 लाख से अधिक का नुकसान
राजेंद्र नगर, शालीमार गार्डन और कोयल एन्क्लेव में घरों में जलभराव से लोगों का सामान खराब हो गया। बेड, बिस्तर, कपड़े, किताबें आदि भीगने से खराब हो गईं। शालीमार गार्डन की मार्केट में ग्राउंड फ्लोर पर बनी दुकानों पर जलभराव हो गया। इससे इलेक्ट्रानिक व अन्य सामान खराब होने से करीब 30 लाख का नुकसान हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि इसका जिम्मेदार नगर निगम है।
इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में मुमटी और भारत सिटी में दीवार गिरी
टीला मोड की इंद्रप्रस्थ कालोनी में तीन फ्लोर के ऊपर बनी मुमटी तेज आवाज में टूट कर गिर गई। गनीमत रही कि वर्षा के दौरान सभी घरों में थे तो कोई अनहोनी नहीं हुआ। वहीं, भारत सिटी सोसायटी की करीब छह से सात फीट ऊंची दीवार टूट कर गिर गई। हालांकि किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।
तुलसी निकेतन में फ्लैट की गिरी छत, घरों में कैद लोग
जीडीए द्वारा विकसित तुलसी निकेतन कालोनी में वर्षा के दौरान फ्लैट के अंदर छत का प्लास्टर गिरने से परिवार के छह सदस्य बाल-बाल बचे। ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट के अंदर और कालोनी परिसर में करीब तीन से चार फीट पानी भर गया। इससे लोग कई घंटे घरों में हुई कैद रहे।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष कुलदीप कसाना का कहना है कि पानी निकासी के लिए लगे दो पंप दो वर्ष से खराब है। जीडीए के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पानी निकासी के लिए जनरेटर की व्यवस्था कर दी गई है।
वर्षा के बाद खोड़ा में जलभराव, घरों और दुकानों में भरा पानी
खोड़ा में वर्षा के बाद लेबर चौक, महाराणा प्रताप द्वार, चौधरी चरण सिंह द्वार, अहिल्याबाई द्वार, थापर गेट, मंगल बाजार रोड, बुद्ध बाजार रोड व अन्य जगहों पर जलभराव हो गया। इस दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्रों को सुबह स्कूल जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। घरों और दुकानों में करीब चार फीट तक पानी भर गया।
करहैड़ा मार्ग भी कई जगह धंसा
गोशाला रोड करहैड़ा में सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है। यहां भी वर्षा के दौरान कई जगह सड़क धंस गई। इससे आवागमन प्रभावित हो गया। लोगों का कहना है कि कई माह से कार्य चल रहा है, लेकिन नगर निगम पूरा नहीं कर सका है।
इन कारणों से बेसमेंट में भरा पानी
-ज्यादातर बिल्डर अपार्टमेंट के बेसमेंट में भरा पानी।
-इन इलाकों में सड़कों के पानी की निकासी की नहीं व्यवस्था।
-नालों की सफाई नहीं होना भी बड़ा कारण।
-सोसायटी में ड्रेनेज सिस्टम नहीं होना।
वर्षा में वाहन चालक इन बातों का रखें ध्यान
-जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
-पानी में गाड़ी बंद होने पर दोबारा स्टार्ट न करें।
-ब्रेक को लगातार पंप करते रहें।
-पानी के बीच गाड़ी को न रोकें।
-इमरजेंसी स्थिति में घबराएं नहीं।
– पानी में लगातार एक्सीलेटर दबाते रहें
नालों की सफाई से लेकर ज्यादातर कार्य पूरे करा लिए गए हैं। लगातार वर्षा के कारण जलभराव हो जाता है, जो धीरे-धीरे निकल जाता है। जिन इलाकों में अभी जलभराव है वहां निकासी कराई जा रही है। – डॉ. मिथिलेश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
वाहन मालिक बोले…झेलनी पड़ेगी दोहरी मार
आकाशी प्लाजा में जिनकी गाड़ी खराब हुईं उनसे दैनिक जागरण की टीम ने बातचीत की तो उनका दर्द सामने आया। एचपी गुप्ता ने बताया कि उनकी टाटा नेक्सोन की इलेक्ट्रिक कार थी। जो हाल ही में ली थी। गाड़ी ठीक कराने को लेकर बीमा कंपनी से बात की तो उन्होंने मना करा दिया कि प्राकृतिक आपदा में खराब हुई गाड़ी पर इंश्योरेंस लागू नहीं होता। इसीलिए वह गाड़ी का मेटेनेंस क्लेम नहीं दे सकते। इसके अलावा अंकित जैन की टाटा पंच और यतेंद्र राठी की किया सेल्टोस कार थी। गाड़ी खराब होने से दोगुना मार पड़ेगी। एक तरफ किस्त देनी पड़ रही हैं, दूसरी ओर लाखों रुपये खर्च कर ठीक करानी पड़ेंगी।
वाहनों का दबाव और जाम से जूझे लोग
वर्षा के कारण जलभराव होने से एनएच-नौ, जीटी रोड पर मोहननगर व अर्थला, लिंक रोड, सौर ऊर्जा मार्ग, इंदिरापुरम अंडरपास, कनानवी पुस्ता, कनावनी की पुलिया, सीआइएसएफ मार्ग समेत ज्यादातर मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव और जाम की स्थिति बनी रही। लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ा। कई जगह हालात ये रहे कि मिनटों में तय होने वाला सफर पूरा करने में घंटों लग गए। इसके चलते लोगों का समय और ईंधन दोनों का नुकसान हुआ।
हालांकि जाम प्रभावित मार्गों पर पुलिस की तैनाती की गई थी लेकिन वर्षा और जलभराव के कारण वह भी बेबस नजर आए। वर्षा समाप्त और पानी उतरने के बाद विभिन्न मार्गों पर यातायात सुचारू हो सका। बृहस्पतिवार को सुबह से ही वर्षा होने के कारण लोग अपने कामकाज व नौकरी पर निकले तो जाम से जूझना पड़ा। सुबह से लगे जाम की हालत दोपहर तक बनी रही। जाम में वाहन रेंग-रेंग कर चले।

