गाजियाबाद। अंग्रेजी हुकूमत के दौर की ऐतिहासिक इमारतों में शुमार टाउन हाल जल्द ही अपने नए और भव्य रूप में लोगों के सामने होगा। औपनिवेशिक काल से लेकर गाजियाबाद के नगर निगम बनने तक के सफर का मूक गवाह रहा यह भवन अब सरकारी फाइलों, हाउस टैक्स की कतारों और प्रशासनिक आपाधापी से पूरी तरह मुक्त हो गया है।
नगर निगम प्रशासन ने इस 138 साल पुरानी धरोहर का कायाकल्प कर इसे पर्यटन स्थल और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में का शुरू कर दिया है। टाउन हाल में चल रहे नगर निगम के सिटी जोनल कार्यालय को मंगलवार को होली चाइल्ड चौराहा के पास सामुदायिक भवन में शिफ्ट कर दिया।
बेहद गहरा है ऐतिहासिक महत्व
वर्ष 1888 में तत्कालीन ब्रिटिश कलेक्टर एफएन राइट के कार्यकाल में बनी इस इमारत का ऐतिहासिक महत्व बेहद गहरा है। आजादी के बाद 1952 में जब को नगर पालिका का दर्जा मिला। तब यही टाउन हाल शहर की सत्ता और प्रशासनिक निर्णयों का मुख्य केंद्र बना।
बाद में वर्ष 1994-95 में नगर निगम के गठन के बाद जब मुख्यालय नवयुग मार्केट गया, तब भी यह सिटी जोन कार्यालय के रूप में संचालित हो रहा था। सालों तक लाखों लोगों के प्रमाणपत्रों और कर-वसूली का साक्षी रहा यह परिसर देखरेख के अभाव में जर्जर हो गया था।
अब नगर निगम इस विरासत को फिर से उसका खोया हुआ गौरव लौटाने की है। जोनल कार्यालय को होली चाइल्ड चौराहे स्थित सामुदायिक भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। जिससे टाउन हल का जीर्णोद्धार हाे सके।
मूल वास्तुशिल्प से नहीं की जाएगी छेड़छाड़
अधिकारियों का कहना है कि इमारत के मूल ब्रिटिशकालीन वास्तुशिल्प और लाल ईंटों की प्राचीन संरचना से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। इसे विशेषज्ञ टीमों की मदद से संरक्षित किया जाएगा।
भविष्य की योजना के तहत राजनगर एक्सटेंशन में नया हाईटेक नगर निगम मुख्यालय बनते ही इस जोनल कार्यालय को वहाँ स्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं, खाली हुए इस टाउन हाल को एक आर्ट गैलरी, म्यूजियम और हेरिटेज पार्क का रूप देने की तैयारी है।

