किरंदुल, दंतेवाड़ा:
किरंदुल नगर में लंबे समय से पेयजल गुणवत्ता और मुख्य जल टंकी की स्थिति को लेकर उठ रही शिकायतों के बाद अब प्रशासन सक्रिय हो गया है। पीएमओ पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर नगर पालिका और संबंधित विभागों ने मुख्य जल टंकी एवं फिल्टर हाउस का निरीक्षण, सफाई और तकनीकी परीक्षण कराकर विस्तृत रिपोर्ट जारी की है।
यह शिकायत श्री प्रवेश कुमार जोशी द्वारा पीएमओ पोर्टल पर (क्रमांक: PMOPG/E/2025/0182746, दिनांक 29 नवंबर 2025) दर्ज कराई गई थी। शिकायत में मुख्य जल टंकी की जर्जर स्थिति, गंदगी, काई जमा होने, जंग लगी पाइपलाइन और वर्षों से बंद पड़े फिल्टर हाउस का मुद्दा उठाया गया था।
क्या थीं मुख्य शिकायतें?
शिकायत में निम्न प्रमुख समस्याओं का उल्लेख किया गया था:
- 🔹 रामाबुटी क्षेत्र स्थित मुख्य जल टंकी जर्जर और गंदी है
- 🔹 टंकी में काई जम चुकी है
- 🔹 पाइपलाइन कई जगह टूटी और जंग लगी है
- 🔹 फिल्टर हाउस लंबे समय से बंद पड़ा है
- 🔹 दूषित पानी मिलने की शिकायतें सामने आई थीं
शिकायतकर्ता ने तत्काल निरीक्षण, फोटो-वीडियो प्रमाण सहित मरम्मत और फिल्टर प्लांट के संचालन की मांग की थी।
नगर पालिका ने क्या कार्रवाई की?
नगर पालिका परिषद ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि:
- ✅ मुख्य जल टंकी की हर 6 माह में सफाई कराई जाती है
- ✅ सफाई और मरम्मत के जियोटैग फोटो रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं
- ✅ प्रत्येक 15 दिन में विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने लेकर जांच कराई जा रही है
- ✅ जंग लगी और टूटी पाइपलाइनों की मरम्मत जारी है
- ✅ फिल्टर प्लांट का संचालन, नगर पालिका को हस्तांतरण के बाद शुरू किया जाएगा
प्रशासन ने यह रिपोर्ट अपर कलेक्टर और जिला पंचायत CEO को भी भेजी है।
पानी की जांच रिपोर्ट में क्या मिला?
जनवरी 2026 में जिला पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग लैब द्वारा पानी की गुणवत्ता जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार:
- टर्बिडिटी: 2.1–3.4 NTU (मानक सीमा के भीतर)
- pH स्तर: 6.7–7.6 (BIS मानकों के अनुरूप)
- कठोरता, कैल्शियम, मैग्नीशियम: सामान्य सीमा में
- क्लोराइड और TDS: सुरक्षित स्तर पर
- स्वाद, गंध और रंग: “Agreeable” दर्ज
रिपोर्ट में कहा गया कि वर्तमान जल आपूर्ति में तत्काल स्वास्थ्य खतरे के संकेत नहीं मिले हैं।
फिर भी क्यों जरूरी है मरम्मत?
विशेषज्ञों के अनुसार, हालांकि पानी अभी सुरक्षित पाया गया है, लेकिन:
- पुरानी पाइपलाइन
- जर्जर टंकी
- बंद फिल्टर प्लांट
भविष्य में जल गुणवत्ता और स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं। इसलिए दीर्घकालिक समाधान के लिए संरचनात्मक सुधार जरूरी हैं।
शिकायतकर्ता ने जताया आभार
शिकायतकर्ता प्रवेश कुमार जोशी ने पीएमओ, नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी नगर में स्वच्छ पेयजल और जल टंकी की साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी।
निष्कर्ष
किरंदुल का यह मामला दर्शाता है कि नागरिक जागरूकता और प्रशासनिक कार्रवाई मिलकर जनहित के बड़े मुद्दों का समाधान कर सकती है।
अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि सुधार कार्य कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से पूरा किया जाता है।

