Jyoti Malhotra News: यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पर जासूसी का आरोप, फॉरेंसिक रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
हिसार। यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ जासूसी के मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। हिसार पुलिस को उसके मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, जिसमें करीब 12 टीबी डेटा बरामद हुआ है। अब पुलिस इस डेटा को गहराई से खंगाल रही है।
📌 मुख्य बिंदु:
ज्योति के फोन और लैपटॉप से 12 टीबी डेटा मिला।
पाकिस्तान के चार जासूसों से संपर्क में थी।
स्पेशल वीज़ा और ISI सुरक्षा के साथ पाकिस्तान गई थी।
फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए पाकिस्तानी नैरेटिव का इस्तेमाल किया।
मजबूत डिजिटल साक्ष्य के आधार पर केस की तैयारी।
विदेशी फंडिंग की जांच जारी।
🔎 केंद्रीय एजेंसियों की नजर में थी ज्योति मल्होत्रा
सूत्रों के अनुसार, ज्योति मल्होत्रा पर काफी समय से केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की नजर थी। जैसे ही उसकी पहली पाकिस्तान यात्रा हुई, उसे स्पेशल वीज़ा मिला और आईएसआई व पाक गृह मंत्रालय से मंजूरी भी। युद्ध जैसी स्थिति बनते ही, राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
🕵️♀️ चार पाकिस्तानी जासूसों से संपर्क में थी
जांच में सामने आया है कि ज्योति पाकिस्तान के चार जासूसों के संपर्क में थी। उसे जानबूझकर एक “मेजर असेट” के रूप में तैयार किया जा रहा था। वह पाक खुफिया एजेंसी (ISI) के इरादों को जानती थी, फिर भी लगातार उनसे संपर्क में बनी रही।
🎯 पाकिस्तान के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ थी ज्योति
भारतीय एजेंसियों का मानना है कि ज्योति मल्होत्रा जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां “सॉफ्ट टारगेट” मानती हैं, जिन्हें अपने नैरेटिव को फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। पुलिस को संदिग्ध मनी ट्रेल के सुराग भी मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
📹 पाकिस्तान यात्रा के बाद बढ़े फॉलोअर्स
हिसार पुलिस की रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान यात्रा के बाद ज्योति के फॉलोअर्स और व्यूज़ में अचानक उछाल आया था। उसे पाकिस्तानी एजेंसियों से VIP ट्रीटमेंट मिला, ताकि वह आसानी से पाकिस्तान के पक्ष में सामग्री बनाकर अपलोड करती रहे।
💻 डिजिटल साक्ष्य मजबूत, कई धाराओं में केस संभव
पुलिस को मिले डिजिटल एविडेंस इतने ठोस हैं कि ज्योति मल्होत्रा पर कई धाराओं में आधिकारिक राज अधिनियम, आईटी एक्ट, और राष्ट्रद्रोह से जुड़ी धाराएं लग सकती हैं। फिलहाल, संवेदनशील जानकारी साझा करने के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन मनी ट्रेल और विदेशी संपर्कों की जांच जारी है।
⏱️ समय पर गिरफ्तारी से टला बड़ा संकट
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ज्योति की गिरफ्तारी सही समय पर हुई, जिससे एक बड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा संकट टल सका। वह पहले ही पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (PIOs) के इशारों पर काम कर रही थी, जिससे उसे व्यक्तिगत फायदे मिल रहे थे।

