कांवड़ यात्रा 2025: उत्तराखंड सरकार का सख्त आदेश – खाद्य दुकानों पर लाइसेंस और पहचान पत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य
📍 स्थान: उत्तराखंड
📆 तारीख: 2 जुलाई 2025
✍️ रिपोर्ट: उत्तराखंड ब्यूरो
🎯 आदेश का उद्देश्य
उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी खाद्य प्रतिष्ठानों से खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र और फोटो पहचान पत्र को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का आदेश जारी किया है। यह कदम यात्रा में शामिल लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
📝 आदेश की मुख्य बातें
सभी होटल, ढाबे, खाद्य स्टॉल और फेरी वालों को अपने प्रतिष्ठान पर लाइसेंस और पहचान पत्र प्रदर्शित करना होगा।
छोटे विक्रेताओं को भी अपने पास लाइसेंस और पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा।
खाद्य सुरक्षा डिस्प्ले बोर्ड लगाना आवश्यक होगा, जिसमें खाद्य गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का नाम और संपर्क विवरण स्पष्ट रूप से लिखा हो।
आदेश का उल्लंघन करने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 55 के तहत ₹2 लाख तक का जुर्माना और दुकान बंद करने की कार्रवाई की जा सकती है。
🧪 निगरानी और कार्रवाई
यात्रा मार्ग पर स्थित प्रमुख जिलों जैसे हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी और उत्तरकाशी में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
ये टीमें दूध, मिठाई, तेल, मसाले, पेय पदार्थों के नमूने एकत्रित कर प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजेंगी। यदि कोई नमूना मानकों के अनुसार नहीं पाया गया, तो संबंधित स्थल को तुरंत बंद कर दिया जाएगा。
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-4246 जारी किया गया है, जिस पर लोग खाद्य सुरक्षा से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
प्रचार-प्रसार अभियान के तहत पोस्टर, बैनर, पर्चे और सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता और विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है。
⚖️ सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों द्वारा दुकानदारों से उनके नाम और अन्य विवरण प्रदर्शित करने का आदेश जारी किया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पुलिस केवल खाद्य सामग्री के प्रकार को प्रदर्शित करने के लिए कह सकती है, लेकिन दुकानदारों को उनके नाम प्रदर्शित करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
इस वर्ष, सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और सड़क विक्रेता (विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत आदेश जारी किए हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप हैं।
📌 निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार का यह कदम कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और शुद्ध भोजन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह आदेश खाद्य सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।

