नोएडा। भारतीय किसान यूनियन मंच के नेतृत्व में चल रहे किसान अस्तित्व बचाओ आंदोलन के तहत आज एक बार फिर भारी संख्या में किसान आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान किसानों के बीच कल प्रशासन एवं प्राधिकरण के साथ हुई वार्ता के संबंध में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने विस्तार से जानकारी साझा की।
दोपहर करीब 3 बजे नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश किसानों के बीच पहुंचे और बैठक में हुई वार्ता तथा उसके मिनिट्स के संबंध में किसानों को स्पष्ट जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नोएडा प्राधिकरण किसानों की समस्याओं और वार्ता को लेकर गंभीर है तथा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने किसानों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान अस्तित्व बचाओ आंदोलन किसी भी सूरत में समाप्त नहीं किया गया है। प्राधिकरण को किसानों की मांगों पर ठोस कार्रवाई करने के लिए 15 दिन का समय देते हुए आंदोलन को केवल स्थगित किया गया है।
विमल त्यागी ने बताया कि किसानों की आबादी और नक्सा नीति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को शासन स्तर पर रखा गया है। आगामी मंगलवार के आसपास लखनऊ में कैबिनेट स्तर पर बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आबादी एवं नक्सा नीति से संबंधित किसानों के मामलों को रखा जाएगा है। बैठक से संबंधित जानकारी प्राप्त होने के बाद किसानों के साथ पुनः वार्ता कर पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
5 प्रतिशत प्लॉट के मामले में किसानों को राहत का भरोसा
बैठक में 5 प्रतिशत प्लॉट के मुद्दे पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। किसानों को स्पष्ट किया गया कि केवल अतिक्रमण के नाम पर पात्र किसानों के प्लॉट रोके जाने की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
वहीं 1976-97 के किसान कोटे से संबंधित प्लॉटों के मामले में प्राधिकरण के अधिकारियों से पूरी जानकारी मांगी गई है कि कितने किसानों को प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं और कितने किसान अभी भी अपने अधिकार से वंचित हैं। इस संबंध में प्राधिकरण स्तर से जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांवों के विकास के लिए सर्वे के निर्देश
किसानों के गांवों में विकास कार्यों के मुद्दे को भी वार्ता में प्रमुखता से उठाया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांव-गांव जाकर विकास कार्यों का सर्वे करें और किसानों की मूलभूत समस्याओं एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
15 दिन का समय, इसके बाद फिर होगा आंदोलन
आज आंदोलन स्थल पर मौजूद विभिन्न ग्रामों के किसानों एवं किसान प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सभी की सहमति से निर्णय लिया गया कि नोएडा प्राधिकरण को किसानों के मुद्दों पर ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने स्पष्ट कहा—
“यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, केवल 15 दिनों के लिए स्थगित किया गया है। यदि 15 दिन के भीतर नोएडा प्राधिकरण किसानों की मांगों पर सकारात्मक और ठोस कार्रवाई करता है तो आगे की स्थिति पर किसानों के साथ निर्णय लिया जाएगा। लेकिन यदि किसानों के मुद्दों पर केवल आश्वासन मिला और धरातल पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 15 दिन बाद किसान अस्तित्व बचाओ आंदोलन को पुनः उसी मजबूती के साथ शुरू किया जाएगा।”
भारतीय किसान यूनियन मंच ने कहा कि किसानों की आबादी, नक्सा नीति, 5 प्रतिशत प्लॉट, 1976-97 किसान कोटा, गांवों का विकास और किसानों के अन्य सभी अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।
किसानों की एकजुटता ही आंदोलन की ताकत है।
न आश्वासन से समझौता होगा, न किसानों के अधिकारों से।
आंदोलन स्थगित है, समाप्त नहीं।

