jansamwad tvjansamwad tvjansamwad tv
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Reading: घास को माना शव, किया सामूहिक अंतिम संस्कार… नेपाल बाढ़ में लापता अपनों के मिलने की टूटी उम्मीद
Share
Font ResizerAa
jansamwad tvjansamwad tv
Font ResizerAa
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » घास को माना शव, किया सामूहिक अंतिम संस्कार… नेपाल बाढ़ में लापता अपनों के मिलने की टूटी उम्मीद
दुनिया

घास को माना शव, किया सामूहिक अंतिम संस्कार… नेपाल बाढ़ में लापता अपनों के मिलने की टूटी उम्मीद

News Desk
Last updated: September 3, 2026 4:50 pm
News Desk
Share
SHARE

नुवाकोट/काठमांडू: नेपाल में पिछले हफ्ते आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. जिन लोगों को अपने लापता परिजनों के शव नहीं मिले हैं, उन्होंने कुश (घास) से प्रतीकात्मक शव बनाया और सामूहिक अंतिम संस्कार किया.

Contents
About The AuthorNews Desk

काठमांडू से आई तस्वीर

काठमांडू में रिश्तेदारों ने भी कुश (घास) से प्रतीकात्मक शव बनाया और काठमांडू स्थित पशुपति आर्यघाट पर लापता परिजनों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया. समचार एजेंसी एपी से बात करते हुए मुकुंद रिजाल ने कहा कि उनके चचेरे भाई और उनकी बेटियां नहीं मिलीं, जिसके बाद परिवार ने उनका सिंबॉलिक (प्रतीकात्मक) अंतिम संस्कार किया. त्रिशूली नदी के किनारे, एक पुजारी ने लापता परिवार के सदस्यों को दिखाने वाले पुआल के पुतले रखे और उन्हें जलाने से पहले लकड़ियों के छोटे ढेर से ढक दिया.

लापता परिजनों के मिलने की उम्मीद खत्म…अब प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार

प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार की चिताओं के चारों ओर हिंदू देवी-देवताओं को चढ़ावा चढ़ाया गया, यहां रिश्तेदार अपने लापता परिजनों के अंतिम संस्कार करने के लिए इकट्ठा हुए थे, ताकि उन्हें मरा हुआ मान लेने के बाद उनकी आत्मा को शांति मिल सके. हिंदू परंपरा में, दाह संस्कार एक जरूरी आखिरी रस्म है, और कुछ परिवारों के लिए, अपने प्रियजनों के शव के बिना भी यह रस्म करना आध्यात्मिक राहत का एहसास कराता है.

इन सबके बीच नेपाली परिवार एक हफ्ते पहले हिमालयी इलाके में आई जानलेवा बाढ़ में अपने गांवों और घरों के बह जाने के बाद लापता अपने प्रियजनों की आत्माओं की शांति के लिए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे थे.

डीएनए सैंपल संभालकर रखा जा रहा है

नेपाल में अधिकारी भी बरामद लाशों को तब तक अस्थायी कब्रों में दफना रहे हैं जब तक उनकी पहचान नहीं हो जाती. वे डीएनए सैंपल संभालकर रख रहे हैं, चेहरे की खासियतों की तस्वीरें ले रहे हैं और पहचान से जुड़ी दूसरी डिटेल्स रिकॉर्ड कर रहे हैं ताकि लाशों का मिलान लापता लोगों से किया जा सके और आखिर में उन्हें उनके परिवारों को लौटाया जा सके. नेपाल ने कहा कि मंगलवार तक 1,050 लाशें बरामद की जा चुकी थीं, जबकि 3,916 लोग लापता हैं. चीन की सरकारी मीडिया ने 16 लोगों के मरने और 546 के लापता होने की खबर दी है.

लगभग 4,500 लोग लापता, रिश्तेदारों ने उम्मीद छोड़ी

26 अगस्त को चीन-नेपाल बॉर्डर पर बहुत ऊंचाई पर ग्लेशियर टूटने से आई बर्फीले पानी, चट्टानों और मलबे की बड़ी लहर के बाद इमरजेंसी टीमों ने 1,000 से ज्यादा लाशें बरामद की हैं. लगभग 4,500 लोग लापता हैं. नेपाल में जहां प्राकृतिक आपदा आई, कई दिनों तक शेल्टर और मुर्दाघर ढूंढने के बाद, कुछ लापता लोगों के रिश्तेदारों ने उम्मीद छोड़ दी और उन्होंने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया.

‘पति ने फोन नहीं उठाया’, डोल्मा का दर्द

अपने पति के अंतिम संस्कार में अपने रोते हुए बेटे के साथ खड़ी डोल्मा नेवार तमांग ने कहा कि, उन्हें अपने पति की आत्मा को आजाद करने के लिए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है, ताकि वह जहां भी हों, शांति और खुशी से रहें. डोल्मा ने बताया कि, जब यह मुसीबत आई तो वह (उनके पति) चीन जा रहे थे. उन्होंने AFP को बताया, “मैंने खबर देखी और उन्हें बार-बार फोन किया, लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया नहीं.”

उम्मीद अब भी कायम, जिंदा लोग मिल जाएंगे

इस भयानक आपदा के एक हफ्ते बाद भी, नेपाली बचाव दल को उम्मीद है कि जिंदा लोग मिल जाएंगे. खासकर पूरे इलाके में हाइड्रोपावर प्लांट की कई सुरंगों में शायद लोग मिल जाएंगे.

अभी तक, बचाव दल को कीचड़ से बंद सुरंगों से सिर्फ लाशें मिली हैं, लेकिन टीमें जिंदा लोगों तक पहुंचने की उम्मीद में मलबे में खुदाई, ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग कर रही हैं. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने कहा कि उन्हें अब भी उम्मीद है कि हजारों लापता लोगों में से कुछ जिंदा हो सकते हैं. उन्होंने AFP को एक इंटरव्यू में बताया कि, चमत्कार होते हैं. इस समय वे पूरी तरह से उम्मीद नहीं छोड़ना चाहते हैं.

‘आपदा से निपटना भी एक वैश्विक जिम्मेदारी’

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि यह तबाही “इस बात का एक गंभीर संकेत है कि हिमालयी क्षेत्र में हमारे सामने आने वाले खतरे जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ बढ़ रहे हैं”. उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि, जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक योगदान है और आपदा से निपटना भी एक वैश्विक जिम्मेदारी है.”

वहीं, वैज्ञानिकों का कहना है कि, दुनिया की सबसे ऊंची माउंटेन रेंज, हिमालय, वैश्विक तापमान बढ़ने के साथ तेजी से गर्म हो रही है, जिससे ग्लेशियर पिघल रहे हैं. हिमालय और हिंदू कुश रेंज के ग्लेशियर पहाड़ी इलाकों में लगभग 240 मिलियन लोगों के साथ-साथ नीचे दक्षिण एशियाई और दक्षिण-पूर्व एशियाई नदी घाटियों में रहने वाले 1.65 बिलियन लोगों के लिए पानी का एक ज़रूरी स्रोत हैं.

तिब्बत से होते हुए नेपाल में आए इस भयानक फ्लैश फ्लड में मरने वालों की कुल संख्या 1,066 और लापता लोगों की संख्या 4,462 हो गई है. भारत में नदियों के निचले इलाकों से भी कम से कम 17 लाशें निकाली गई हैं.

चीन में, विदेशी पत्रकारों को तिब्बत में रिपोर्टिंग करने से रोक दिया गया है. यहां चीनी अधिकारियों की इस इलाके के जानकारी के स्रोत पर कड़ी पकड़ है देश निकाला में रह रहे तिब्बती समर्थित समूहों ने इस आपदा के बारे में चीन के बयान पर सवाल उठाए हैं.

ग्लोबल वार्मिंग के लिए अधिक जिम्मेदार नहीं, लेकिन नतीजे भुगत रहे हैं

वहीं, नेपाल में होने वाली तबाही के पैमाने को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है, जो ज़्यादातर 3 करोड़ लोगों वाला एक ग्रामीण देश है. ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देने वाले ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन में देश का बहुत कम योगदान है. हालांकि, दुख की बात यह है कि, नेपाल के लोग उन लोगों में से है जो इसके नतीजे भुगत रहे हैं.

काठमांडू ने चेतावनी दी है कि, जहां ये त्रासदी हुई, उसे फिर से संवारने में खर्च अरबों डॉलर तक हो सकता है. नेपाल की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है, और इतने बड़े पैमाने की तबाही से निपटने के लिए उसके पास सीमित संसाधन हैं.

तबाही के पैमाने का एक उदाहरण देते हुए, चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि तिब्बत में बुरी तरह प्रभावित ग्यिरोंग पोर्ट तक सड़क का रास्ता कई दिनों तक चले मरम्मत के काम के बाद आखिरकार बुधवार को ही ठीक हो पाया.

highlights

Toggle
  • About The Author
    • News Desk

About The Author

News Desk

See author's posts

    Subscribe to Our Newsletter
    Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
    [mc4wp_form]
    Share This Article
    Email Copy Link Print
    Previous Article आकाश आनंद से फ‍िर वापस ली गई बसपा नेशनल कॉर्डिनेटर की जिम्‍मेदारी? मायावती ने बताया अभी ‘अनमैच्‍योर’
    Next Article राज्य कृषि विकास योजना के तहत 286.46 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी
    Leave a Comment

    Leave a Reply Cancel reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Might Also Like

    दुनिया

    फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की सीरिया यात्रा के दौरान दमिश्क में धमाके, आसमान में दिखा धुएं का गुबार

    सीरिया की राजधानी दमिश्क में उस वक्त दो धमाके हुए जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा…

    3 Min Read
    दुनिया

    अमेरिका के सिएटल में फूड फेस्टिवल में ताबड़तोड़ फायरिंग, दो लोगों की मौत, कई घायल

    अमेरिका: अमेरिका के सिएटल में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब आइकॉनिक स्पेस नीडल के पास स्थित एक सेंटर…

    4 Min Read
    दिल्ली-मुंबई में बम...', औकात भूल गया पाकिस्तान
    दुनिया

    ‘दिल्ली-मुंबई में बम…’, औकात भूल गया पाकिस्तान: अब्दुल बासित के जहरीले बयान पर भारत का सख्त मैसेज — ‘जब वो बचेंगे तभी तो…’

    भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते हमेशा से ही तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन समय-समय पर कुछ बयान ऐसे सामने आते…

    6 Min Read
    Editorialइंडियाताजा खबरदुनियामनोरंजनराष्ट्रीय

    गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति, मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ा

    एशिया के सबसे अमीर बने गौतम अडानी, अंबानी दूसरे स्थान पर नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026 — भारत के दिग्गज…

    3 Min Read
    jansamwad tv

    यदि आपको “https://jansamwadtv.com/” पर छपी किसी सामग्री या वीडियो कंटेंट में सम्पादकीय आचार संहिता की चूक को लेकर कोई शिकायत है तो आप Contact@jansamwadtv.com E-mail कर अपनी शिकायत हमारे Grievance Officer को भेज सकते हैं।

    विज्ञापन के लिए संपर्क करें:

    contact@jansamwadtv.com

    • Privacy Policy
    • About us
    • Disclamer
    • Contact Us
    Reading: घास को माना शव, किया सामूहिक अंतिम संस्कार… नेपाल बाढ़ में लापता अपनों के मिलने की टूटी उम्मीद
    Share

    © Jansamwadtv. All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?

    Forget Password