नई दिल्ली: दिल्ली को साफ और कूड़ा मुक्त बनाने के लिए नगर निगम ने नई पहल शुरू की है. MCD ने Solid Waste Management 2026 को लेकर एक जागरूकता बुकलेट तैयार की है. इसका मकसद दिल्लीवासियों को कचरे की सही तरीके से छंटाई, संग्रहण और निस्तारण के प्रति जागरूक करना है. निगम की योजना इस बुकलेट को हर घर तक पहुंचाने की है, ताकि कूड़ा प्रबंधन को लेकर लोगों की जिम्मेदारी तय की जा सके.
नई व्यवस्था में कचरे को चार प्रमुख श्रेणियों में अलग करने पर जोर दिया गया है. इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, स्वच्छता संबंधी कचरा और विशेष देखभाल वाला कचरा शामिल है. गीले कचरे में फल-सब्जियों के छिलके और बचा हुआ खाना आएगा, जबकि कागज, प्लास्टिक, कांच और धातु जैसे सामान सूखे कचरे में रखे जाएंगे.
चार कैटेगरी में बांटना होगा कचरा : डायपर और सैनिटरी पैड को स्वच्छता संबंधी कचरे में शामिल किया गया है. वहीं ई-वेस्ट, मोबाइल, चार्जर, बैटरी, पेंट और एक्सपायर्ड दवाइयों जैसे सामान को विशेष कचरे की श्रेणी में रखा जाएगा। निगम का जोर है कि इस तरह के कचरे को सामान्य कचरे में मिलाने या खुले में जलाने से रोका जाए. MCD अब नियमों के उल्लंघन पर सख्ती की तैयारी में है. खुले में कूड़ा फेंकने या निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान होगा. निगम Full Cost Recovery और Environmental Compensation जैसे प्रावधानों के जरिए कचरा प्रबंधन की लागत और पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई पर भी जोर दे रहा है.
कचरे से खाद और बिजली: निगम की योजना कचरे को सिर्फ समस्या मानने के बजाय संसाधन के तौर पर इस्तेमाल करने की है. गीले कचरे से खाद और सूखे कचरे से रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं के जरिए कचरे से बिजली बनाने पर भी जोर है आने वाले समय में कचरा निस्तारण की क्षमता बढ़ाने की योजना है, ताकि लैंडफिल पर जाने वाले कचरे की मात्रा कम की जा सके.
रैगपिकर्स भी होंगे व्यवस्था का हिस्सा: नई व्यवस्था में कचरा बीनने वाले लोगों को भी औपचारिक रूप से जोड़ने की बात कही गई है. उनके पंजीकरण, सुरक्षा उपकरण और कल्याण से जुड़े प्रावधानों पर जोर दिया जाएगा साथ ही हर वार्ड में RRR यानी Reduce, Reuse, Recycle सेंटर के जरिए पुराने कपड़े, किताबें, खिलौने और इलेक्ट्रॉनिक सामान के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा.
MCD डेम्स कमेटी चेयरमैन संदीप कपूर के मुताबिक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है. निगम का दावा है कि जागरूकता, प्रशिक्षण और सख्ती के जरिए दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.

