गाजियाबाद। शासन स्तर से आये दिन जारी होने वाले दिशा निर्देशों के बाद भी एक जुलाई से शुरू होकर 31 जुलाई तक संचालित होने वाला डोर टू डोर संचारी रोग नियंत्रण अभियान बेअसर हो रहा है। कम से कम मेरठ मंडल के छह जिलों की ताजा रिपोर्ट से तो यह साफ लगता है।
31 अगस्त देर शाम को जारी की गई रिपोर्ट बयां कर रही है कि मेरठ मंडल संक्रामक रोगों का हाट स्पाट बनता जा रहा है। मेरठ मंडल में स्वाइन फ्लू के संग डेंगू ने भी पैर पसारने शुरू कर दिये हैं।अगस्त तक मंडल के छह जिलों में स्वाइन फ्लू के 302 और डेंगू के 133 केस मिल चुके हैं।
कमजोर पड़ रहे सर्वे
मलेरिया के 83,स्क्रब टायफस के 25,लेप्टोस्पायरोसिस के 27 और चिकनगुनिया का भी एक केस मिल चुका है। खास बात यह है कि शासन स्तर से रोज समीक्षा होने के बाद भी संचारी रोगों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। सर्वे भी कमजोर पड़ रहा है।
अधिकांश केस प्राइवेट लैबों में जांच के बाद पुष्ट किये जा रहे हैं। जिले वार गठित सर्विलांस विंग और मलेरिया अनुभाग की गतिविधियां भी संचारी रोग बढने पर सवालों के दायरे में आ रहीं हैं। हर साल सर्वे एवं एंटी लार्वा स्प्रे और लार्वा नष्ट करने के लिये ब्रीड चेकर रखे जाते हैं। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी कराया जाता है।
मेरठ मंडल के जिलों में मिले संक्रामक रोगियों का विवरण
| जनपद | स्वाइन फ्लू | मलेरिया | डेंगू | स्क्रब टायफस | लेप्टोस्पायरोसिस |
|---|---|---|---|---|---|
| मेरठ | 39 | 6 | 9 | 4 | 18 |
| हापुड़ | 6 | 12 | 7 | 0 | 2 |
| गाजियाबाद | 33 | 8 | 7 | 3 | 3 |
| बागपत | 5 | 1 | 1 | 0 | 0 |
| गौतमबुद्ध नगर | 204 | 41 | 107 | 18 | 4 |
| बुलंदशहर | 15 | 15 | 2 | 0 | 0 |
| कुल योग | 302 | 83 | 133 | 25 | 27 |

