नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह की संवेदनशीलता तथा मानवीय दृष्टि एक बार फिर सामने आई है। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने एक गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक स्पेशल नीड बच्चे की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह बात स्पेशल नीड बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे नोएडा पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन अपराजेय (Operation Invictus)’ के तहत आयोजित अंतरविभागीय गोष्ठी में कही।
नोएडा पुलिस ने दिव्यांग बच्चों के लिए शुरू की नई पहल
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर और संवेदनशील वर्गों की संरक्षक भी है। पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर-108 में आयोजित उच्चस्तरीय अंतरविभागीय बैठक में पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट कहा कि ऑटिज्म (Autism), बौद्धिक दिव्यांगता (Intellectual Disability) तथा अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना गौतमबुद्धनगर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
9 जून से चल रहा है ‘ऑपरेशन अपराजेय’
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में 9 जून 2026 से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में “ऑपरेशन अपराजेय (Operation Invictus)” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें और उनके परिवारों को केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना भी है। अभियान के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को सरकारी सुविधाओं, चिकित्सा सेवाओं, शिक्षा, पुनर्वास और कानूनी अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए पुलिस विभिन्न विभागों के साथ मिलकर समन्वित कार्य कर रही है। इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा), जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, NIEPID के सहायक प्राचार्य तथा विभिन्न सामाजिक एवं गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर दिव्यांग बच्चों के हित में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
नोएडा पुलिस ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बनाई रणनीति
बैठक के दौरान ऑपरेशन अपराजेय की प्रगति की समीक्षा करते हुए नोएडा पुलिस ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए। इनमें शामिल हैं—
- दिव्यांग बच्चों की पहचान और पंजीकरण में तेजी।
- दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और UDID कार्ड उपलब्ध कराना।
- पात्र परिवारों को दिव्यांग पेंशन योजना से जोड़ना।
- आयुष्मान भारत सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना।
- Early Diagnosis Programme और District Early Intervention Centre (DEIC) की सेवाओं का विस्तार।
- ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल एवं दिव्यांगता प्रमाणन शिविर आयोजित करना।
- स्कूलों में विशेष बच्चों का अधिक से अधिक नामांकन।
- अभिभावकों की समस्याओं का त्वरित समाधान।
- Caregiver Verification और Beat Outreach Programme को मजबूत करना।
- Neighbourhood Security Scheme के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना।
- RWAs, स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से जनजागरूकता अभियान चलाना। Noida News
हर पात्र परिवार तक पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी
गोष्ठी में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से प्रत्येक पात्र दिव्यांग बच्चे और उसके परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संयुक्त अभियान चलाएंगे। इनमें दिव्यांग पेंशन योजना, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, UDID, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, समग्र शिक्षा, समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) तथा अन्य पुनर्वास योजनाएं प्रमुख हैं।
लक्ष्मी सिंह ने दिया संवेदनशील पुलिसिंग का संदेश
नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्पेशल नीड बच्चों से जुड़े प्रत्येक मामले में पूर्ण संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और विभागीय समन्वय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी दिव्यांग बच्चे या उसके परिवार को सरकारी सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “ऑपरेशन अपराजेय केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सम्मान, सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक व्यापक जनकल्याणकारी मिशन है।” हाल के वर्षों में गौतमबुद्धनगर पुलिस ने महिला सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है। अब “ऑपरेशन अपराजेय” के माध्यम से दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देकर नोएडा पुलिस ने संवेदनशील और जनोन्मुखी पुलिसिंग का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस पहल से न केवल हजारों विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, बल्कि समाज में उनके प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता भी बढ़ेगी। यह अभियान पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक संस्थाओं के साझा प्रयास का ऐसा मॉडल बन सकता है, जिसे भविष्य में अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है।

