अरेटो के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करने वाली यह कैम्पेन 8 से 13 वर्ष के बच्चों के लिए लीप्स प्रो वी और लीप्स प्रो को पेश करती है। इसके जरिए स्वाभाविक जिज्ञासा, सहज बुद्धि और हँसते-खेलते बच्चों के बड़े होने के बारे में व्यापक बातचीत को आगे बढ़ाया जा रहा है।
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026: अरेटो, एक डिज़ाइन-आधारित बच्चों का फुटवियर ब्रांड है जो इस विश्वास पर निर्मित है कि हर कोई बेहतर डिज़ाइन का हकदार है। अरेटो ने ‘U/A: Free the Child’ नाम की एक नई ब्रांड कैम्पेन लॉन्च की है। यह कैम्पेन यह बच्चों की जिज्ञासा, व्यक्तिगत पहचान और अन्वेषण की आज़ादी का जश्न मनाती है। अरेटो ब्रांड के लिए एक नया अध्याय आरंभ करते हुए, यह कैम्पेन लीप्स प्रो वी और लीप्स प्रो पेश करती है, जो 8 से 13 वर्ष के बच्चों/किशोरों के लिए डिज़ाइन की गई दो फुटवियर रेंज हैं। ये फ्री प्ले के जज़्बे को बढ़ते पैरों की बदलती जरूरतों के मुताबिक तैयार किए गए हैं।
वास्तव में, ‘फ्री द चाइल्ड’ इस सोच को चुनौती देता है कि बड़े होने का मतलब है कम जिज्ञासु होना, खुद को कम अभिव्यक्त करना या सामान्य चीज़ों पर सवाल उठाने की इच्छा कम होना। जेन अल्फा/ट्वीन्स के नज़रिए से, जो आज़ादी से सोचते हैं, अपनी राय बनाते हैं और अपनी शर्तों पर दुनिया से जुड़ते हैं, यह कैम्पेन वयस्कों को ऐक्सप्लोर करने, प्रयोग करने और सवाल पूछने की अपनी आदत को बनाए रखने के लिए बढ़ावा देती है।
इस कैम्पेन में U/A का इस्तेमाल किया गया है, हल्के-फुल्के अंदाज़ में इसे फिल्म प्रमाणन से लिया गया है। इसके माध्यम से बचपन के बेबाक जज़्बे का जश्न मनाया गया है, साथ ही वयस्कों को उन नियमों और उम्मीदों पर पुनः विचार के लिए आमंत्रित किया है जो धीरे-धीरे इसे सीमित कर सकते हैं।
’’बड़े होते बच्चों की दुनिया का विस्तार होना चाहिए, उसे तंग नहीं होना चाहिए। 8 से 13 वर्ष की आयु के बच्चे अपनी पहचान तलाश रहे होते हैं और सामान्य चीज़ों पर सवाल उठाना सीख रहे होते हैं, ऐसे में वयस्क लोग उनकी जिज्ञासा से बहुत कुछ सीख सकते हैं। ‘फ्री द चाइल्ड’ इसी जज़्बे का जश्न है और हमें याद दिलाता है कि बड़े होने का मतलब यह नहीं है कि हम जो हैं उससे बाहर निकल जाएं। यह विश्वास इस बात को भी आकार देता है कि हम फुटवियर कैसे डिज़ाइन करते हैं। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनकी गतिविधियां, मूवमेंट्स और फुटवियर की ज़रूरतें बदलती हैं। लीप्स प्रो वी और लीप्स प्रो के साथ, हम बड़े बच्चों को आवश्यक सपोर्ट देते हैं, जिसमें अडेप्टिव टेक्नोलॉजी, ब्रीदेबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी शामिल है, जो अरेटो को परिभाषित करते हैं,’’ अरेटो के संस्थापक और सीईओ सत्यजीत मित्तल ने कहा।
अरेटो के लिए, बच्चे को आज़ाद करने का मतलब रोज़मर्रा की उन ज़रूरी चीज़ों के बारे में फिर से सोचना भी है जो बच्चों के चलने-फिरने के तरीके को तय करती हैं। जैसे-जैसे उनकी दिनचर्या ज्यादा मुश्किल होती जाती है और उनका मूवमेंट ज्यादा डायनैमिक होता जाता है, ऐसे फुटवियर को बदलना होगा जो स्वाभाविक मूवमेंट से समझौता किए बिना ज्यादा सपोर्ट और पकड़ दे सकें। यह सोच कैम्पेन के फलसफे को डिज़ाइन में बदलती है, जो बड़े बच्चों की बदलती ज़रूरतों पर अनुसंधान से मिली जानकारी पर आधारित है।
लीप्स प्रो वी और लीप्स प्रो के ज़रिए ’फ्री द चाइल्ड’ कैम्पेन हुई जीवंत
स्कूल की कक्षा, खेल का मैदान, स्पोर्ट्स और दूसरी गतिविधियों में भाग लेने वाले बच्चों के लिए डिज़ाइन किए गए, लीप्स प्रो वी और लीप्स प्रो, अरेटो की सिग्नेचर अडैप्टिव टेक्नोलॉजी के साथ बेहतर सपोर्ट देते हैं। दोनों रेंज में पेटेंटेड सुपरग्रूव्स™ टेक्नोलॉजी है, जिसे बच्चे के पैर के बढ़ने के साथ तीन साइज़ तक फैलने के लिए डिज़ाइन किया गया है, इसमें एक इन्फीनिट स्ट्रेचेबल, ब्रीदेबल निट अपर और एक स्क्वीशि फोम शॉक-ऐब्जॉर्बिंग इनसोल है।
फ्लेक्सिबल, बेयरफुट-स्टाइल सोल स्वाभाविक मूवमेंट को सपोर्ट करता है, जबकि नॉन-मार्किंग आउटसोल जूतों को स्कूल के गलियारों और इनडोर कोर्ट के लिए उपयुक्त बनाते हैं। प्रो रेंज में मिडफुट पैनल और एक पैडेड कॉलर भी है जो तेज़, मल्टीडायरेक्शनल मूवमेंट के दौरान पैर और एड़ी को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
लीप्स प्रो वी में वेल्क्रो स्ट्रैप हैं, जबकि लीप्स प्रो में इलास्टिक लेस हैं जिन्हें एक बार बांधकर स्लिप-ऑन की तरह पहना जा सकता है। दोनों रेंज कई रंगों में उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत ₹3,499 से शुरू होती है।
यह कैम्पेन और नई रेंज मिलकर अरेटो के इस विश्वास को दिखाते हैं कि बच्चों को अपनी शर्तों पर बढ़ने, घूमने-फिरने और ऐक्सप्लोर करने की आज़ादी होनी चाहिए।
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