देहरादून: उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के विस्तार पर जोर दे रही है. इसके तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बनाने और निर्यात की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. जिससे ग्रामीण उत्पादकों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आय और आजीविका के अवसर को बढ़ाया जा सके. खास बात ये है कि उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के 46 उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज से जोड़ा गया है.
46 प्रोड्क्टस को आगे बढ़ाया जा रहा है: हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत शामिल 46 उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के लिए बिक्री केंद्रों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, प्रचार-प्रसार और प्रीमियम गिफ्ट पैकेजिंग के जरिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
पीएम मोदी ने किया था शुभारंभ: इसके साथ ही कृषि एवं संबंधित उत्पादों के जैविक प्रमाणीकरण और देश-विदेश में उनकी पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है. हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि, इसका शुभारंभ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के शुभारंभ पर यानी 8 दिसंबर 2023 को किया था.
3 साल में कहां पहुंचा हाउस ऑफ हिमालयाज? हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड का शुभारंभ होने के बाद करीब 3 साल का वक्त पूरा होने जा रहा है. अभी तक मात्र 25 स्थानों पर ही हाउस ऑफ हिमालयाज के आउटलेट्स स्थापित किए गए हैं. जिसमें, होटल्स, चारधाम यात्रा मार्ग, नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन, लखनऊ एयरपोर्ट समेत 25 से स्थानों पर हाउस ऑफ हिमालयाज के आउटलेट्स स्थापित किए गए हैं.
देहरादून में भी खुले आउटलेट: इसके अलावा, देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट और राजपुर रोड पर दो एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट भी संचालित किए जा रहे हैं. हालांकि, सरकार का मानना है कि इन आउटलेट्स के जरिए स्थानीय उत्पादों को यात्रियों, पर्यटकों और अन्य उपभोक्ताओं तक पहुंचाना काफी आसान है.
ई-कॉमर्स और रिटेल प्लेटफॉर्म की ली जा रही मदद: इसके साथ ही हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तमाम ई-कॉमर्स और रिटेल प्लेटफॉर्म की मदद ली जा रहा है. इसी तरह, हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे है. इसके लिए ग्लोबल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, वॉलमार्ट और बॉक्स ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं के साथ बाजार विस्तार की रणनीति पर काम किया जा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों की बिक्री बढ़ाना उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है. इससे राज्य के पारंपरिक और कृषि आधारित उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने के साथ उनकी व्यावसायिक संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं. हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों को आकर्षक उपहार के रूप में भी उपलब्ध कराने के लिए प्रीमियम गिफ्ट पैकेजिंग की व्यवस्था भी की गई है. इसके तहत राज्य सरकार और भारत सरकार के स्तर पर तमाम डेलीगेट्स के बीच उपहार के रूप में हाउस ऑफ हिमालयाज के प्रीमियम गिफ्ट उपलब्ध कराए जा रहे हैं. जिससे इस पहल के जरिए स्थानीय उत्पादों को सिर्फ सामान्य खरीदारी तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रीमियम उत्पादों के रूप में भी स्थापित किया जा सके.
हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड में शामिल उत्पादों के राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विपणन, ई-कॉमर्स और निर्यात को बढ़ावा देने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर ग्रामीणों को मजबूत कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. इसके लिए राज्य के कृषि एवं सम्बद्ध उत्पादों के जैविक प्रमाणीकरण, देश-विदेश में उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, बाजार विस्तार एवं निर्यात की रणनीति तैयार की गयी है. जिसके चलते उत्तराखण्ड राज्य के स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिल रही है. साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों की आजीविका एवं आर्थिकी में वृद्धि हो रही है.
-भरत सिंह चौधरी, ग्राम्य विकास मंत्री
हाउस ऑफ हिमालयाज में 46 उत्पादों को किया गया शामिल
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