देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज विश्व हिंदू परिषद ने अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में सीएम धामी, विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद की पत्रिका ‘विश्व हिंदू’ के अशोक सिंघल पर प्रकशित विशेषांक का विमोचन भी किया गया.
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय ने भी संबोधित किया. उन्होंने पुराने दिनों को याद किया. जिसमें उन्होंने अशोख सिंघल की संघ की यात्रा के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की. साथ ही उन्होंने विहिप को लेकर भी जानकारी साझा की.
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय ने रामजन्म भूमि की हिस्ट्री को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने संतों की धर्म संसद के गठन का भी जिक्र किया. चंपत राय ने कहा काशी, मथुरा, अयोध्या को लेकर तब से ही काम शुरू हुआ. उलझे सुलझे सब प्रश्नों का उत्तर एक, हिंदू हम सब एक, गीत का भी उल्लेख किया.
कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी. उन्होंने कहा अशोक सिंघल ने राम जन्मभूमि आंदोलन को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वर्ष 1984 में दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पहली धर्म संसद से लेकर इस आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप प्रदान करने तक उनके प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण रहे. उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास कर संतों, धर्माचार्यों और समाज के अनेक वर्गों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने का कार्य किया.
मुख्यमंत्री ने कहा अशोक सिंघल भगवान श्रीराम के आदर्शों को भारतीय समाज के जीवन-मूल्यों का आधार मानते थे. मर्यादा, सेवा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा जैसे गुणों को अपनाकर ही एक सशक्त, संस्कारित और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है.
सीएम धामी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण देश की आस्था और सांस्कृतिक चेतना के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. यह कल्पना करना भी भावुक कर देने वाला है कि यदि अशोक सिंघल आज हमारे बीच होते, तो श्रीराम मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर उन्हें कितनी प्रसन्नता और आत्मिक संतुष्टि होती.
