शिमला। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विपक्षी दल सोमवार को देश की राजधानी में शक्ति प्रदर्शन करेंगे। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में हिमाचल कांग्रेस पार्टी के नेता भी शामिल होंगे।
आंदोलन में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सोमवार सुबह शिमला से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वहीं, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, राज्य सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी रविवार देर शाम ही दिल्ली पहुंच चुके हैं।
हर जिले और ब्लाक से दिल्ली पहुंचे कार्यकर्ता
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों और ब्लाकों से बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता बसों व ट्रेनों के जरिए दिल्ली पहुंचे हैं। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संसद मार्ग और जंतर-मंतर पर होने वाले इस विरोध-प्रदर्शन में पहाड़ी राज्य की मजबूत और प्रभावी भागीदारी दर्ज कराई जाएगी।
संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल: सुक्खू
दिल्ली रवानगी से पहले मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता सबसे पहली और अनिवार्य शर्त है।
एसआईआर प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मामलों ने पूरी चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं, जिन्हें कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता संविधान और आम जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए इस लड़ाई में चट्टान की तरह खड़ा है।
हिमाचल में भी नहीं थमेगा आंदोलन
दिल्ली में केंद्र स्तरीय प्रदर्शन के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के भीतर भी जिला और ब्लाक स्तर पर सिलसिलेवार आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले पार्टी कार्यकर्ता राज्य निर्वाचन विभाग के कार्यालय और शिमला स्थित लोक भवन के बाहर भी जोरदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
प्रदेश कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।

