दिनांक 15.10.2026 को थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा अभिसूचना संकलन एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन इंवेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधियों को खाता उपलब्ध कराने वाला 01 अभियुक्त रय्यान अंसारी पुत्र सिंकदर अंसारी को जनपद गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
पूछताछ का संक्षिप्त विवरण-
पूछताछ के दौरान अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह रुपये लेकर साइबर अपराधियों को टेलीग्राम व Whatsapp के माध्यम से बैंक खाता (म्यूल खाता) उपलब्ध कराता था। अभियुक्त द्वारा अपना खाता, पास-बुक, चेक-बुक, सिम-कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया, जिसमें लगभग 2,15,743 लाख रुपये आए थे। अभियुक्त को इसके बदले 50,000 रुपये मिले थे। साइबर अपराध में प्रयुक्त बैंक खातों के विरुद्ध NCRP पोर्टल पर 02 शिकायतें (उत्तर प्रदेश-01, आंध्र प्रदेश-01) दर्ज हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-
रय्यान अंसारी पुत्र सिंकदर अंसारी निवासी जगत पुरी, कृष्णा नगर, थाना जगतपुरी, ईस्ट दिल्ली, उम्र लगभग 22 वर्ष।
पंजीकृत अभियोग का विवरण-
मु0अ0सं0- 373/2026 धारा 318(4)/319(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट, थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर।
बरामदगी का विवरण-
साइबर अपराध में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन
आमजन के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी सुझाव-
1- कमीशन, किराये या किसी अन्य लालच में अपना बैंक खाता (म्यूल खाता), एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं।
2- टेलीग्राम, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर प्राप्त निवेश (Investment), अधिक मुनाफा या पार्ट-टाइम जॉब से संबंधित संदिग्ध प्रस्तावों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें।
3- अपने बैंक खाते, UPI एवं इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित गोपनीय जानकारी (OTP, PIN, CVV, पासवर्ड आदि) किसी के साथ साझा न करें।
4- यदि आपके बैंक खाते का दुरुपयोग होने की आशंका हो या कोई संदिग्ध लेन-देन दिखाई दे तो तत्काल संबंधित बैंक को सूचित कर खाता फ्रीज कराने की कार्रवाई करें।
5- किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
