लखनऊ। विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा के अंदर की बेचैनी पार्टी के लिए चुनौती बनने लगी है। बरेली और बदायूं जिले के हिस्सों को शामिल कर बनी आंवला लोकसभा सीट से 2014 और 2019 में सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप ने रविवार को साइकिल की सवारी कर ली। वह राज्य सभा का टिकट न मिलने से निराश थे, वहीं प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह एवं श्रुति गंगवार को टिकट देने के बाद भाजपा के प्रति उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ओबीसी वोटों में मजबूत पकड़ रखने वाले धर्मेंद्र कश्यप के सपा में जाने से बरेली एवं आसपास के कई जिलों का समीकरण बदलेगा। भाजपा के अंदर से कई और भी विरोध के स्वर फूटे हैं। चुनाव नजदीक आने के साथ ही दलों में आवाजाही तेज हो सकती है।
साक्षी महराज के बयान से हलचल
उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महराज ने लोध वोटों के भाजपा से छिटकने की आशंका जताकर पार्टी का तनाव बढ़ा दिया। साक्षी ने साफ कहा है कि कल्याण सिंह की वजह से भाजपा प्रदेश में सत्ता में आई, लेकिन संगठन से लेकर सरकार तक लोध समाज को उचित प्रतिनिधित्व न मिलने से पार्टी को 2027 में नुकसान होगा।
धर्मेंद्र का आरोप- घेर कर हराया गया
धर्मेंद्र कश्यप का आरोप है कि उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें अपने ही दल के लोगों ने आंवला में घेरकर हराया था। कश्यप के राजनीतिक एवं जातीय समीकरण का महत्व इस बात से भी पता चलता है कि उनकी वजह से भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी एवं पूर्व सांसद वरुण गांधी की लोकसभा सीटों को बदला था।
कश्यप बरेली की बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर 2002 में पहली बार विधायक बने। साल 2007 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते। साल 2013 में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। अब सपा ने उन्हें अपने साथ जोड़कर बरेली के आसपास कई जिलों में कश्यप वोटों में पैठ बढ़ाने का प्रयास किया है।
कौशल किशोर भी चल रहे नाराज
मोहनलाल गंज के पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री रहे कौशल किशोर को मजबूत दलित जनाधार वाला नेता कहा जाता है, लेकिन वह इन दिनों भाजपा से से नाराज चल रहे हैं। पिछले दिनों विधान परिषद चुनाव में गोरखपुर-अयोध्या शिक्षक सीट पर संजयन त्रिपाठी भाजपा से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने शर्मा गुट के ध्रुव त्रिपाठी को टिकट दे दिया। बगावत कर संजयन सपा के प्रत्याशी बन गए। ऐसा ही अंदरुनी घमासान आगरा एवं प्रयागराज-झांसी खंड में भी देखा जा रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह भी दिखा चुके तेवर
कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह खुलकर अखिलेश यादव की तारीफ कर अपना तेवर दिखा चुके हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश राठौर एवं संजय निषाद धरने पर बैठ चुके हैं। कानपुर क्षेत्र में संगठन एवं जनप्रतिनिधियों के बीच झगड़े कई बार सार्वजनिक हुए हैं, लेकिन पार्टी नियंत्रित नहीं कर सकी।

