शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में करीब 15 हजार पद भरने को मंजूरी दी है। इन पदों को भरने के लिए अगले तीन महीने में भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
कैबिनेट की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने प्रेसवार्ता में बताया कि प्रदेश सरकार अब तक 32 हजार लोगों को रोजगार दे चुकी है, जबकि 18 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
प्रमुख विभागों में भर्ती
- जल शक्ति विभाग: 4,090 पैरा वर्कर (पैरा पंप आपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पज वर्कर) नियुक्त होंगे।
- शिक्षा क्षेत्र: प्रदेश के 100 नए स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा। 3,900 शिक्षक और 900 गैर-शिक्षक पद भरे जाएंगे। कालेज कैडर में बैकलाग कोटे से 320 सहायक आचार्य और तकनीकी शिक्षा में 40 सहायक व्याख्याता व 120 सहायक शिल्प अनुदेशक नियुक्त होंगे।
- एसएमसी व कंप्यूटर शिक्षक: छूटे हुए एसएमसी शिक्षकों (पीजीटी और टीजीटी) तथा आउटसोर्स कंप्यूटर शिक्षकों के पद सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) के माध्यम से भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग में अनुकंपा आधार पर 29 जेओए (आईटी) भी रखे जाएंगे।
- स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा: स्वास्थ्य विभाग में 500 स्टाफ नर्स, टांडा मेडिकल कालेज में 24 विशेषज्ञ/सुपर स्पेशलिस्ट, चिकित्सा शिक्षा में 30 रेडियोलाजिस्ट, 13 क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट और 6 परफ्यूजनिस्ट के पद भरे जाएंगे।
- वन एवं लोक निर्माण विभाग: वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षक और 10 रेंज वन अधिकारी नियुक्त होंगे। लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्कर और 10 कनिष्ठ अभियंता (सिविल) रखे जाएंगे।
- अन्य विभाग: पशुपालन में 116, सहकारिता में 32, बागवानी में 50 (40 एचईओ, 10 एचडीओ), अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान कांगड़ा में 26, कोषागार विभाग में 25, दिव्यांग कोटे के 38 पद और खेल पदक विजेताओं के लिए जिला खेल अधिकारी के विशेष पद सृजित किए जाएंगे।
बोह घाटी आपदा पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज
कांगड़ा जिले की आपदा प्रभावित बोह घाटी के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी गई। पैकेज के तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के पुनर्निर्माण के लिए 7.50 लाख रुपये। घरेलू सामान के नुकसान पर 1 लाख रुपये तथा अस्थायी आवास के लिए 5,000 रुपये किराया। प्रभावित परिवारों को 6 माह तक मुफ्त राशन। दुधारू पशुओं की हानि पर प्रति भैंस 55,000 रुपये, भेड़-बकरी पर 15,000 रुपये तथा कृषि भूमि नुकसान पर 5,000 रुपये की सीधी सहायता।
प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य एवं इंफ्रास्ट्रक्चर
कर्मचारी तबादला नीति के तहत सरकारी कर्मचारियों के गृह जिले व अंतर-जिला तबादलों को पारदर्शी बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट उपसमिति गठित। सुस्त पनबिजली प्रोजेक्ट रद करने का निर्णय लिया गया। तय शर्तों पर काम न करने वाली 5 मेगावाट से कम क्षमता की 33 लघु जलविद्युत परियोजनाओं का आवंटन रद होगा। 126 मेगावाट छतरू और 205 मेगावाट रोपा परियोजनाओं के लिए नए टेंडर जारी होंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत चंबा मेडिकल कालेज में 60 सीटों वाला नर्सिंग कालेज खुलेगा। क्रिटिकल केयर मेडिसिन और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलाजी के दो नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनेंगे।
धार्मिक व पर्यटन विकास
हमीरपुर के सुजानपुर होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिला। ऊना के प्रसिद्ध पीर निगाह मंदिर का प्रबंधन सरकार अपने हाथ में लेगी। दियोटसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर में 8 मंजिला पार्किंग-सह-शौचालय परिसर और बद्दी के शीतलपुर में नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनेगा।
दूध पर प्रोत्साहन राशि दोगुनी
मंत्रिमंडल ने पशुपालकों को राहत देते हुए दूध पर मिलने वाले प्रोत्साहन को तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये करने का निर्णय लिया है। इससे दूध उत्पादकों को मिलने वाली अतिरिक्त राशि दोगुनी हो जाएगी। सरकार के इस फैसले से दुग्ध उत्पादन से जुड़े पशुपालकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मिशन-2027 से पहले युवाओं पर नजर
अगले विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार का मुद्दा सरकार के लिए अहम है। बेरोजगारी प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में पद भरने की मंजूरी को युवाओं तक सरकार की प्राथमिकताएं पहुंचाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। अब चुनौती इन घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की होगी।
नहीं पहुंचे थे तीन मंत्री
बैठक शुरू होने तक तीन मंत्री सचिवालय नहीं पहुंचे थे। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह बैठक शुरू होने के बाद पहुंचे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल भी देरी से पहुंचे, जबकि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बैठक में नहीं पहुंचे।
सुबह चंडीगढ़ से पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू शनिवार सुबह करीब आठ बजे चंडीगढ़ से शिमला पहुंचे। उन्होंने सचिवालय में लोगों से मुलाकात भी की। शनिवार को अवकाश होने के बावजूद मंत्रिमंडल की बैठक के चलते सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही शुरू हो गई। बैठक में शामिल होने वाले प्रस्तावों को लेकर विभागीय स्तर पर भी हलचल रही।
दो बार स्थगित हुई बैठक
इससे पहले दो बार मंत्रिमंडल की बैठक स्थगित हो चुकी है। ऐसे में इस बैठक में लंबित प्रस्तावों पर निर्णय को लेकर कर्मचारियों, बेरोजगार युवाओं और विभिन्न विभागों की निगाहें टिकी हुई हैं।

