बांसवाड़ा के ठीकरिया स्थित दाहोद मार्ग पर दुर्गा पेट्रोल पंप के समीप बुधवार सुबह हुए दर्दनाक स्कूल वैन हादसे ने एक होनहार छात्र के जीवन का सफर हमेशा के लिए थाम दिया। इस दुर्घटना में 16 वर्षीय हयान वसानिया की मौत से न केवल उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, बल्कि स्कूल और परिचितों में भी शोक की लहर दौड़ गई। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला हयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से पहचान बना रहा था और भविष्य को लेकर उसके कई बड़े सपने थे, जो इस हादसे के साथ अधूरे रह गए।
आखिरी बार मुस्कुराकर कही थी पसंदीदा भोजन की बात
परिजन ज्योतिष वसानिया ने बताया कि स्कूल के लिए घर से निकलते समय हयान बेहद खुश था। जाते-जाते उसने कहा था कि लौटने के बाद दाल-चावल और पराठे खाएगा। उसने यह भी बताया था कि उसका बड़ा भाई वियतनाम से आने वाला है, इसलिए दोनों मिलकर उसका कमरा सजाएंगे और अगले दिन वह स्कूल नहीं जाएगा। परिवार को क्या पता था कि उसकी ये बातें आखिरी याद बनकर रह जाएंगी।
सोशल मीडिया पर तेजी से बन रही थी अलग पहचान
हयान ने कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर कंटेंट बनाना शुरू किया था। अपनी रचनात्मक सोच और आकर्षक वीडियो के कारण उसने बहुत कम समय में 4,200 से अधिक फॉलोअर्स बना लिए थे। उसके एक वीडियो को करीब 13 लाख बार देखा गया, जबकि उस पर 37 हजार से अधिक लाइक्स मिले। उसका सपना एक सफल डिजिटल कंटेंट क्रिएटर बनने का था। उसके बड़े भाई कलश वसानिया, जो वियतनाम में रहते हैं, उसकी मदद के लिए एक ड्रोन खरीद चुके थे और उसे भारत लेकर आने वाले थे, ताकि हयान बेहतर वीडियो बना सके।
पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी था अव्वल
हयान के कक्षाध्यापक धर्मवीर सिंह के अनुसार वह पढ़ाई में अत्यंत प्रतिभाशाली और अनुशासित छात्र था। गणित और विज्ञान उसके सबसे पसंदीदा विषय थे। पिछले शैक्षणिक सत्र में उसने कक्षा 9 की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। शिक्षा के साथ-साथ उसे तबला वादन और हैंडबॉल खेलने का भी विशेष शौक था। शिक्षक बताते हैं कि वह हमेशा नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहता था और अपने व्यवहार से सभी का प्रिय छात्र था।
तेज धमाके के बाद मची अफरा-तफरी
महिला थाना में पदस्थ एएसआई युवराज सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 7:20 बजे वह दाहोद मार्ग से होकर थाना जा रहे थे। इसी दौरान दुर्गा पेट्रोल पंप के पास जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि स्कूल वैन सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा चुकी थी और उसके भीतर बच्चे मदद के लिए चीख रहे थे। दुर्घटना के कारण वैन का दरवाजा जाम हो गया था। स्थानीय लोगों की सहायता से दरवाजा खोला गया और सभी घायल बच्चों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया।
ओवरटेक की कोशिश बनी हादसे की वजह
दुर्घटना में घायल छात्र गर्व के अनुसार उनकी स्कूल वैन के आगे उसी स्कूल की दूसरी वैन चल रही थी। चालक ने आगे निकलने के लिए ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रक से वैन की तेज गति से टक्कर हो गई, जिससे यह भीषण हादसा हुआ।

