jansamwad tvjansamwad tvjansamwad tv
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Reading: हिमाचल मंत्रिमंडल विस्तार में फंसा पेच: जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के चक्कर में टला फैसला, जानिए सुंदर ठाकुर के रास्ते का रोड़ा
Share
Font ResizerAa
jansamwad tvjansamwad tv
Font ResizerAa
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » हिमाचल मंत्रिमंडल विस्तार में फंसा पेच: जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के चक्कर में टला फैसला, जानिए सुंदर ठाकुर के रास्ते का रोड़ा
राज्यहिमाचल प्रदेश

हिमाचल मंत्रिमंडल विस्तार में फंसा पेच: जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के चक्कर में टला फैसला, जानिए सुंदर ठाकुर के रास्ते का रोड़ा

TRIPTY SRIVASTAVA
Last updated: September 18, 2026 8:40 am
TRIPTY SRIVASTAVA
Share
SHARE

हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार क्षेत्रीय और जातीय संतुलन की रस्साकशी में अटक गया है। मंत्रिमंडल में राजपूत चेहरे अधिक होने पर कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाने के रास्ते में अब नया रोड़ा खड़ा हो गया है। सुंदर ठाकुर पर क्षेत्रीय समीकरण के बूते मंत्री पद के लिए निर्णय लगभग हो चुका है।  खुद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू उन्हें मंत्री बनाने का एलान कर चुके हैं, पर मामला आगे सरकता जा रहा है। फैसला 30 सितंबर के बाद संभावित है। पार्टी के भीतर गैर राजपूत नेताओं का खेमा अपने-अपने सामाजिक वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की हाईकमान से पैरवी कर रहा है।

Contents
About The AuthorTRIPTY SRIVASTAVA

प्रदेश में किस वर्ग की कितनी आबादी

प्रदेश में राजपूतों की आबादी करीब 32 से 36 फीसदी, अनुसूचित जाति की करीब 25, ब्राह्मणों की 18, ओबीसी की 13 और अनुसूचित जनजाति की करीब 6 फीसदी है। मौजूदा कैबिनेट में मुख्यमंत्री के अलावा विक्रमादित्य सिंह, अनिरुद्ध सिंह, रोहित ठाकुर, हर्षवर्धन चौहान और जगत सिंह नेगी राजपूत चेहरे हैं। सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाते हैं तो मुख्यमंत्री समेत राजपूत सदस्यों की संख्या पचास फीसदी यानी छह हो जाएगी, मंत्रिमंडल की 12 सदस्यीय अधिकतम सीमा तय है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी राजपूत हैं। केवल सिंह पठानिया को भी राज्य मंत्री का दर्जा है। ऐसे में आठ राजपूत चेहरे मंत्री या इससे ऊपर के स्तर पर होंगे। वर्तमान में हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष विनय कुमार अनुसूचित जाति से हैं।

अनुसूचित जाति की आबादी राजपूतों के बाद सबसे ज्यादा

इस स्थिति में अनुसूचित जाति वर्ग भी अपने प्रतिनिधित्व को लेकर शिमला से लेकर दिल्ली तक सक्रिय है। राज्य में अनुसूचित जाति की आबादी राजपूतों के बाद दूसरी बड़ी आबादी है। इससे एक मंत्री को ड्रॉप करने की चर्चा के बीच यह तर्क दिया जा रहा है कि राज्य मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति वर्ग के सदस्यों की संख्या घटाने के बजाय बढ़ाई जानी चाहिए। वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग से दो मंत्री मंत्रिमंडल में शामिल हैं। ये धनीराम शांडिल और यादविंद्र गोमा हैं। मंत्रिमंडल में ब्राह्मण समुदाय से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी हैं। ओबीसी से चंद्र कुमार हैं। वहीं, अन्य वर्गों से जुड़े नेता भी अब अपने प्रतिनिधित्व की मांग उठा रहे हैं। पूर्व में मंत्रिमंडल और विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर वर्तमान में वंचित अल्पसंख्यक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के उदाहरण पेश किए जा रहे हैं।

सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाने की चर्चा के पीछे ये तर्क

सत महाजन, बृज बिहारी लाल बुटेल जैसे पुराने राजनीतिक चेहरों का हवाला देते हुए तर्क दिया जा रहा है कि कांग्रेस ने अतीत में व्यवसायी व अन्य सामाजिक वर्गों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। भाजपा सरकार में व्यवसायी वर्ग से राजीव बिंदल को मंत्री बनाने से तुलना की जा रही है जो भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाने की चर्चा के पीछे सबसे प्रमुख तर्क मंडी संसदीय क्षेत्र और कुल्लू जिला का क्षेत्रीय संतुलन बताया जा रहा है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र की तुलना में मंडी को ज्यादा खाली बताया जा रहा है। सुंदर के समर्थकों का कहना है कि मौजूदा मंत्रिमंडल में कुल्लू को स्थान नहीं मिला है जो पिछली लगभग तमाम सरकारों में रहा है। मंडी संसदीय क्षेत्र से अकेले जगत सिंह नेगी मंत्री हैं। राजपूत होने के अलावा वह अनुसूचित जनजाति से भी हैं और अन्य वर्ग वंचित चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों नई दिल्ली में मंत्रियों के एक समूह ने भी हाईकमान को इस बारे में अपना फीडबैक दिया है। कुछ मंत्री मंत्रिमंडल विस्तार के बीच अतिरिक्त पोर्टफोलियो भी मांग रहे हैं।

highlights

Toggle
  • About The Author
    • TRIPTY SRIVASTAVA

About The Author

Avatar

TRIPTY SRIVASTAVA

See author's posts

    Subscribe to Our Newsletter
    Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
    [mc4wp_form]
    Share This Article
    Email Copy Link Print
    Previous Article नाहन में पीएम मोदी का जन्मदिन: माता कालिस्थान मंदिर में जयराम ठाकुर और बिंदल ने किया हवन-यज्ञ, भाजयुमो ने लगाया रक्तदान शिविर
    Next Article सप्लीमेंट के नाम पर ‘हार्ट अटैक’ बेचने वाला गैंग दबोचा: गाजियाबाद में 50 लाख का नकली स्टेरायड और माल बरामद
    Leave a Comment

    Leave a Reply Cancel reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Might Also Like

    उपमुख्यमंत्री
    राज्यहिमाचल प्रदेश

    हिमाचल राजनीति में नई गरमाहट: उपमुख्यमंत्री ने पुराने भूमि घोटाले पर सवाल उठाए

    गगरेट (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की ओर से ऊना जिले के हरोली में भूमि खरीद घोटाले पर इंटरनेट…

    4 Min Read
    सहकारिता
    उत्तराखंडराज्य

    देहरादून में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक

    देहरादून स्थित शासकीय आवास पर बुधवार को सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली।…

    3 Min Read
    उत्तर प्रदेशराज्य

    अराजकतत्वों पर नजर रखे पुलिस, अफसरों से बोले सीएम योगी, माघ मेला सर्विस ऐप भी लांच किया

    प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ…

    4 Min Read
    चिराग पासवान
    बिहार

    “कानून-व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है”: बिहार में बढ़ते अपराधों पर चिराग पासवान का तीखा वार

    “कानून-व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है”: बिहार में बढ़ते अपराधों पर चिराग पासवान का तीखा वार पटना | 19 जुलाई 2025बिहार…

    2 Min Read
    jansamwad tv

    यदि आपको “https://jansamwadtv.com/” पर छपी किसी सामग्री या वीडियो कंटेंट में सम्पादकीय आचार संहिता की चूक को लेकर कोई शिकायत है तो आप Contact@jansamwadtv.com E-mail कर अपनी शिकायत हमारे Grievance Officer को भेज सकते हैं।

    विज्ञापन के लिए संपर्क करें:

    contact@jansamwadtv.com

    • Privacy Policy
    • About us
    • Disclamer
    • Contact Us
    Reading: हिमाचल मंत्रिमंडल विस्तार में फंसा पेच: जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के चक्कर में टला फैसला, जानिए सुंदर ठाकुर के रास्ते का रोड़ा
    Share

    © Jansamwadtv. All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?

    Forget Password