सागर : महापौर और एमआईसी सदस्य काफी दिनों से नगर निगम आयुक्त से खफा हैं. महापौर सहित पार्षदों ने सागर संभागायुक्त दिलीप कुमार से नगर निगम आयुक्त की शिकायत है. नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री पर आरोप है “एमआईसी के जनहितैषी फैसलों को लंबित रखते हैं और समय पर उनका पालन नहीं करते.” इसके अलावा आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए शासन स्तर पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है.
एमआईसी के प्रस्तावों को नहीं देते तवज्जो
मंगलवार को महापौर संगीता सुशील तिवारी ने संभागायुक्त दिलीप कुमार से मिलकर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को लेकर आपत्ति दर्ज कराई. महापौर ने मेयर इन काउंसिल द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण और जनहितैषी फैसलों को टालने, निर्धारित समय-सीमा में उनका पालन नहीं करने और जनहित के कार्यों में अपेक्षित प्रगति ना होने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
कमिश्नर को सौंपे पत्र में कहा गया है “राजकुमार खत्री लगभग ढाई साल से निगम आयुक्त के पद पर पदस्थ हैं. उनके कार्यकाल में एमआईसी द्वारा जनहित में लिए गए अहम प्रस्तावों को लंबित रखा जा रहा है. एमआईसी बैठक में लिए लिए गए फैसलों को निर्धारित समय-सीमा में प्रतिवेदन एवं अनुपालन की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. इस वजह से शासन की अहम योजनाओं, विकास कार्यों, वित्तीय अनुशासन प्रभावित हो रहा है.”
एमआईसी सदस्य पहले भी कर चुके हैं आपत्ति
एमआईसी की बैठकों में लिए गए फैसलों की समीक्षा के लिए 30 सितंबर 2026 को बैठक आयोजित की गई थी. महापौर ने बताया “बैठक में लंबित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, लेकिन कई मामलो में आयुक्त ने संतोषजनक जवाब पेश नहीं किया. समीक्षा के बाद भी निर्णयों का प्रभावी तरीके पालन सुनिश्चित नहीं किए जाने पर महापौर और एमआईसी ने गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए 30 सितंबर 2026 को निगम आयुक्त की कार्यप्रणाली के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए उनके खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने भी जानकारी कमिश्नर को दी गयी.”
नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री का कहना है “मुझे अभी यह जानकारी नहीं मिली है कि संभाग आयुक्त से मेरे बारे में क्या शिकायत की गई है. जब संभाग आयुक्त कार्यालय से मेरी शिकायत पर जवाब मांगा जाएगा, तब नियम अनुसार जवाब दूंगा.”
नगर निगम आयुक्त के तबादले की मांग
महापौर संगीता सुशील तिवारी ने कमिश्नर से अनुरोध किया है “नगर निगम सागर में जनहित से जुड़े कार्यों की गति बनाए रखने और एमआईसी के निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए निगम आयुक्त राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को ध्यान रखते हुए उनके खिलाफ शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाए और उनका तत्काल प्रभाव से तबादला किया जाए.”
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी, एमआईसी सदस्य अनूप उर्मिल, रुपेश यादव, राजकुमार पटेल, धमेंद्र खटीक पार्षद प्रतिनिधि नरेश यादव, सोमेश जड़िया, शैलेष जैन, प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी मौजूद थे.
