नोएडा, 21 जनवरी 2026: लंग कैंसर के इलाज में उपलब्ध एडवांस्ड रोबोटिक ट्रीटमेंट ऑप्शंस को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के डॉक्टरों ने एक अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में नोएडा की पहली रोबोटिक लंग कैंसर सर्जरी के सफल प्रदर्शन को साझा किया गया और साथ ही मेदांता नोएडा में एडवांस्ड रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी एंड लंग कैंसर क्लिनिक के औपचारिक लॉन्च की घोषणा की गई। यह नया डेडिकेटेड क्लिनिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए वर्ल्ड क्लास थोरेसिक ऑन्कोलॉजी सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाएगा।
इस अवसर पर मेदांता हॉस्पिटल नोएडा के इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ऑनको सर्जरी एंड लंग ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. बेलाल बिन आसफ अपनी टीम के साथ मौजूद रहे, जहां उन्होंने एडवांस्ड रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी एंड लंग कैंसर क्लिनिक का औपचारिक उद्घाटन किया।
नोएडा की पहली रोबोटिक लंग कैंसर सर्जरी के बारे में जानकारी देते हुए मेदांता हॉस्पिटल नोएडा के इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ऑनको सर्जरी एंड लंग ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. बेलाल बिन आसफ ने बताया 65 वर्षीय एक मरीज रूटीन कार्डियोलॉजी जांच के लिए अस्पताल आए थे। सीटी एंजियोग्राफी के दौरान संयोगवश फेफड़े में एक नोड्यूल पाया गया। मरीज को न तो कोई सांस संबंधी लक्षण थे और न ही स्मोकिंग का कोई इतिहास था, लेकिन आगे की जांच में अर्ली-स्टेज लंग कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद मरीज की रोबोटिक राइट लोअर लोबेक्टॉमी विद सिस्टेमैटिक मेडियास्टाइनल लिम्फ नोड डिसेक्शन की गई, जो एक हाई प्रिसिशन और तकनीकी रूप से कॉम्प्लेक्स सर्जरी है। एडवांस्ड रोबोटिक टेक्नोलॉजी की मदद से बेहतर विजुअलाइजेशन, बेहद सटीक डिसेक्शन और उच्च स्तर की सर्जिकल एक्युरेसी संभव हो पाई। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज बिना किसी कॉम्प्लीकेशन्स के रिकवर होकर स्थिर अवस्था में डिस्चार्ज कर दिए गए।”
यह सर्जरी मेदांता द मेडिसिटी, गुरुग्राम के इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ऑनको सर्जरी एंड लंग ट्रांसप्लांटेशन से डॉ. सुखराम विश्नोई (कंसल्टेंट, थोरेसिक सर्जरी) और डॉ. प्रवीन पांडा (थोरेसिक सर्जरी फेलो) के सहयोग से की गई। यह पूरी प्रक्रिया प्रो. डॉ. अरविंद कुमार के डायनामिक नेतृत्व में संपन्न हुई। उनकी भागीदारी मेदांता के इंटीग्रेटेड अकादमिक और क्लिनिकल फ्रेमवर्क को दर्शाती है, जिसके तहत स्टैंडर्डाइज्ड सर्जिकल प्रोटोकॉल, साझा एक्सपर्टीज और इंस्टीट्यूशनल बेस्ट प्रैक्टिसेज़ सभी यूनिट्स में समान रूप से लागू की जाती हैं, ताकि दिल्ली-एनसीआर में चेस्ट सर्जरी के उच्चतम मानक सुनिश्चित किए जा सकें।
यह मामला समय पर की गई इमेजिंग और संयोगवश हुई अर्ली डिटेक्शन के महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाता है, जिससे सही स्टेज पर क्युरेटिव ट्रीटमेंट संभव हो पाता है। भारत में लंग कैंसर कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है, जिसका मुख्य कारण लेट डायग्नोसिस है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, रूटीन हेल्थ चेक-अप के दौरान होने वाली अर्ली डिटेक्शन से सर्वाइवल रेट और ट्रीटमेंट आउटकम्स में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
मेदांता नोएडा में एडवांस्ड रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी क्लिनिक के लॉन्च के साथ अब लंग कैंसर और अन्य जटिल चेस्ट कंडीशंस के लिए कॉम्प्रिहेंसिव रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल केयर उपलब्ध होगी। यह डेडिकेटेड क्लिनिक क्षेत्र में स्पेशलाइज्ड थोरेसिक ऑन्कोलॉजी सेवाओं की पहुंच को मजबूत करेगा और मरीजों को दूर के मेट्रो शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अर्ली डायग्नोसिस, समय पर ट्रीटमेंट और एडवांस्ड केयर को घर के नजदीक उपलब्ध कराकर यह पहल नोएडा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के बेहतर आउटकम्स और क्वालिटी ऑफ लाइफ के लिए मेदांता हॉस्पिटल नोएडा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

