भूपेश्वर साहू की रिपोर्ट
किरंदुल। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत बैलाडीला अंचल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया गया विशेष टीकाकरण अभियान उल्लेखनीय रूप से सफल रहा। अभियान के दौरान किरंदुल नगर के सभी 18 वार्डों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कुल 2532 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरुद्ध 2329 बच्चों तक पहुंचकर उन्हें पोलियो की खुराक दी गई। इस प्रकार अभियान ने 92 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज करते हुए जिले में प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का मुख्य उद्देश्य देश को पोलियो मुक्त बनाए रखना तथा प्रत्येक बच्चे तक जीवनरक्षक टीकाकरण
सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य को लेकर बैलाडीला अंचल में व्यापक स्तर पर माइक्रो प्लानिंग की गई थी। अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विशेष पोलियो बूथ स्थापित किए गए, वहीं स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर भी उन बच्चों तक पहुंच बनाई जो किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच सके।
इस अभियान की सफलता का प्रमुख श्रेय जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) श्री अजय रामटेके के सतत मार्गदर्शन, नियमित निरीक्षण तथा प्रभावी नेतृत्व को दिया जा रहा है। उनके निर्देशन में जिला एवं सेक्टर स्तर के अधिकारियों ने अभियान शुरू होने से पहले सभी स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान पोलियो टीकाकरण की प्रक्रिया, वैक्सीन के सुरक्षित रखरखाव, घर-घर सर्वेक्षण तथा अभिभावकों को जागरूक करने के संबंध में विशेष जानकारी दी गई, जिससे अभियान पूरी तरह व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संचालित हो सका।
30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, किरंदुल से संचालित सभी स्वास्थ्य टीमों ने पूरे अभियान के दौरान उल्लेखनीय कार्य किया। अभियान में चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, मितानिन बहनों, वैक्सीन हैंडलरों, वाहन चालकों तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। टीमों ने निर्धारित बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के साथ-साथ घर-घर जाकर भी छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें जीवनरक्षक खुराक उपलब्ध कराई।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए। इसके लिए विशेष निगरानी दल गठित किए गए, जिन्होंने लगातार विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अभियान की प्रगति पर नजर रखी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य कर्मियों ने पहुंचकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई, जिससे अभियान को व्यापक सफलता मिली।
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री अजय रामटेके ने अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क, अनुशासन, समर्पण और जनसहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल अभियान पूरा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का संकल्प दोहराया।
अभियान की सफलता में स्थानीय नागरिकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्वेच्छा से पोलियो बूथों पर लाकर जीवनरक्षक खुराक दिलाई। वहीं कई परिवारों ने घर पहुंची स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करते हुए अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पोलियो उन्मूलन जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम तभी सफल हो सकते हैं, जब समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपील की है। विभाग ने अभिभावकों से आग्रह किया कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें तथा प्रत्येक बच्चे को समय पर सभी आवश्यक टीके अवश्य लगवाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सके।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की यह सफलता न केवल बैलाडीला अंचल के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिकों की संयुक्त भागीदारी से जनस्वास्थ्य संबंधी बड़े लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए जा सकते हैं।

