गाजियाबाद। गाजियाबाद में साइबर अपराधियों ने खुद को एटीएस और सीबीआई का अधिकारी बताकर सेवानिवृत्त अपर शिक्षा निदेशक को डिजिटल अरेस्ट कर सवा करोड़ रुपये ठग लिए।
जालसाजों ने पहले उनके नाम से मुंबई के कोलाबा स्थित बैंक में खाता खुलने और उसमें आतंकी गतिविधियों से जुड़े रुपये आने की बात कही। इसके बाद गिरफ्तारी का डर दिखाकर लगातार पूछताछ की गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल पर आया था कॉल
पीड़ित 71 वर्षीय महिला शिक्षा विभाग से सेवानिवृत हैं। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि 28 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात महिला का फोन आया। उसने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम से मुंबई के कोलाबा स्थित एक बैंक में खाता खोला गया है और उसमें आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए धनराशि जमा की गई है।
महिला ने मामले की जांच के लिए एक नंबर दिया। इसके बाद जालसाजों ने उन्हें वीडियो कॉल पर लिया और स्वयं को एटीएस व सीबीआई अधिकारी बताकर पूछताछ शुरू कर दी। उन्हें कई घंटे तक वीडियो कॉल पर रखा गया।
एक करोड़ से ज्यादा ट्रांसफर कराए
आरोपियों ने गिरफ्तारी वारंट भेजकर डराया और कहा कि जमानत तभी मिलेगी, जब वह अपनी पूरी रकम आरबीआई के खाते में जमा कराएं। डर के कारण पीड़िता ने तीन बार में करीब 1.25 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
पीड़िता ने परिजनों को दी जानकारी
इसके बाद भी आरोपी उनसे और रकम जमा कराने का दबाव बनाने लगे। 4 अगस्त को शक होने पर पीड़िता ने परिजनों को जानकारी दी और साइबर थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर रकम के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है।
एसीपी क्राइम अमित सक्सेना का कहना है कि जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए हैं उनकी जानकारी की जा रही है। शीघ्र आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा।

