नई दिल्ली: छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित दिल्ली सरकार के राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को सीएम रेखा गुप्ता ने संबोधित किया. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करती हूँ कि केंद्र और दिल्ली में एक ही विजन वाली सरकार होने का लाभ आज दिल्ली के विकास को मिल रहा है. प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के अंतर्गत दिल्ली के विकास के लिए अलग से डिपार्टमेंट ऑफ कैपिटल डेवलपमेंट बनाया गया है.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि देश की राजधानी के समग्र और तेज़ विकास के लिए एक ऐसी संस्था का गठन किया गया है, जो दिल्ली को ग्रोथ इंजन बनाने में महत्वपूर्ण और गेम-चेंजर भूमिका निभाएगी. पहली बार दिल्ली के राज्य खाते का अलगाव हुआ है और पहली बार आरबीआई को दिल्ली का आधिकारिक बैंकर बनाया गया है. इससे दिल्ली के विकास कार्यों के लिए धन की उपलब्धता और वित्तीय प्रबंधन को मजबूती मिलेगी. केंद्र सरकार के सहयोग से किसी भी स्तर पर फंड की कमी नहीं होने दी जा रही है और हर विषय पर त्वरित निर्णय लेकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है.
निशुल्क स्वास्थ्य सेवा पर सरकार का जोर
सीएम ने आगे कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण पर ये हमारे विकास की सबसे मजबूत नींव हैं. हमारा लक्ष्य केवल आज की जरूरतों को पूरा करना नहीं है, बल्कि ऐसे मजबूत और टिकाऊ सिस्टम तैयार करना है, जो आने वाले दशकों तक दिल्ली के लोगों की आकांक्षाओं पर खरे उतरें. मेरे लिए स्वास्थ्य का अर्थ सिर्फ अस्पताल और इलाज तक सीमित नहीं है.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का अर्थ है कि जब किसी गरीब परिवार में बीमारी आए, तो उसे इलाज के लिए अपना घर, अपनी जमीन या गहने बेचने की नौबत न आए. किसी परिवार को बेहतर इलाज के लिए दर-दर भटकना न पड़े. जब किसी नवजात बच्चे का जीवन बचाने की बात हो, तो उसे बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है. इसी सोच के साथ, दिल्ली में सरकार के गठन के तुरंत बाद हमने आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब तक करीब 9 लाख लाभार्थी इस योजना के तहत पंजीकृत हो चुके हैं. हमारा संकल्प स्पष्ट है, दिल्ली में कोई भी परिवार पैसे की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे.
अनमोल योजना से नवजात शिशुओं को मिल रहा इलाज
रेखा गुप्ता ने कहा कि अनमोल योजना दिल्ली में जन्म लेने वाले हर नवजात शिशु के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इस योजना के तहत बच्चे के जन्म के तुरंत बाद एक बूंद रक्त के नमूने से 56 प्रकार के महत्वपूर्ण टेस्ट किए जाएंगे. इन जांचों का उद्देश्य जन्मजात बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी संभावित समस्याओं की समय रहते पहचान करना है, ताकि बच्चे को शुरुआत से ही बेहतर चिकित्सा सुविधा और देखभाल मिल सके. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों तक सीमित नहीं होगी. दिल्ली में जन्म लेने वाले हर बच्चे को इसका लाभ मिले, यह हमारा लक्ष्य है. हम चाहते हैं कि दिल्ली का हर बच्चा स्वस्थ हो, सुरक्षित हो और अपने जीवन की शुरुआत बेहतर स्वास्थ्य के साथ करे. क्योंकि स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ दिल्ली और विकसित दिल्ली की मजबूत नींव हैं.
ईवी सिटी के रूप में उभर रही दिल्ली
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए, जो कनेक्टिविटी, मोबिलिटी और क्वालिटी ऑफ लाइफ, तीनों को साथ लेकर चले. आज दिल्ली तेजी से भारत की ईवी सिटी के रूप में उभर रही है. इसी दिशा में दिल्ली ने एक व्यापक ईवी पॉलिसी लॉन्च की है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. मुझे गर्व है कि आज दिल्ली के पास देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक बसों की फ्लीट में से एक है. दिल्ली में करीब 4,500 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जो कई बड़े राज्यों की तुलना में भी अधिक है. यह दिल्ली के विकास मॉडल की एक बड़ी उपलब्धि है और अब दूसरे राज्य भी इस मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. हमारी सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है. बेहतर कनेक्टिविटी, बेहतर मोबिलिटी और स्वच्छ पर्यावरण के साथ एक आधुनिक और विकसित दिल्ली का निर्माण.
दिल्ली की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हमारी महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है. मजलिस पार्क से मौजपुर और आर.के. आश्रम से दिल्ली गेट जैसे कॉरिडोर के उद्घाटन के साथ दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क को लगातार विस्तार दिया जा रहा है. इसी दिशा में फेज-4 के तीन नए कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई है. जनकपुरी वेस्ट से आर.के. आश्रम, साकेत से लाजपत नगर, कुंडली से रिठाला और इंदरलोक से इंद्रप्रस्थ. इन कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क लगभग 47 किलोमीटर और बढ़ेगा. इसी तरह फेज-5A के लिए भी तीन नए कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है. आर.के. आश्रम से इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी से टर्मिनल-1, तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज. ये सिर्फ मेट्रो कॉरिडोर नहीं हैं. ये एक ऐसा आधुनिक परिवहन नेटवर्क हैं, जो समय की बचत करता है, प्रदूषण कम करता है और लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ को बेहतर बनाता है. यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि दिल्ली-एनसीआर का मेट्रो नेटवर्क देश में सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है.
कूड़े के पहाड़ हटाने पर जोर
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि हमें दिल्ली से सिर्फ कूड़े के पहाड़ नहीं हटाने हैं, बल्कि भ्रष्टाचार का कूड़ा, लालफीताशाही का कूड़ा, पुराने और जटिल सिस्टम का कूड़ा और प्रदूषण का कूड़ा भी साफ करना है. पिछले करीब डेढ़ साल में दिल्ली में कूड़े के पहाड़ लगातार कम हुए हैं और इन कूड़े के पहाड़ों से लगभग 75 एकड़ जमीन को रिक्लेम किया गया है. मैंने पहले भी कहा था कि कूड़े के पहाड़ों को दिल्ली से जाना ही पड़ेगा- और आज वे लगातार कम हो रहे हैं. दिल्ली की जनता खुद इसका बदलाव देख रही है. साथ ही, नए कूड़े के पहाड़ न बनें, इसके लिए वेस्ट टू एनर्जी कैपेसिटी को बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है. हमारी कोशिश है कि इसकी क्षमता को लगभग 7,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 15,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन किया जाए.
यमुना सफाई के लिए 27 नए एसटीपी शुरू किए
यमुना की सफाई और उसके पुनर्जीवन को हमने सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है. पुराने STPs और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को अपग्रेड करने और उनकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है. 27 नए एसटीपी शुरू किए हैं. पिछले डेढ़ साल में हमारी सरकार ने जो काम किए हैं, वे अंत नहीं हैं, यह तो हमारी जिम्मेदारी की शुरुआत है. हमने जो किया, वह जरूरी था. लेकिन जो करना अभी बाकी है, वह उससे भी ज्यादा जरूरी है. मैं सिर्फ सपनों की दिल्ली की बात नहीं करना चाहती. हमारा लक्ष्य ऐसी सपने पूरे करने वाली दिल्ली बनाना है. हमारा संकल्प है कि जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब दिल्ली का विकास मॉडल ऐसा हो जिसे देश के दूसरे राज्य भी अपनाना चाहें.
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की बेटियों और बहनों के लिए अब तक 18 लाख से अधिक पिंक कार्ड जारी किए जा चुके हैं. इन पिंक कार्ड के माध्यम से महिलाएं दिल्ली सरकार की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकती हैं, वह भी कितनी भी बार. यह सुविधा केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, ट्रांसजेंडर नागरिकों को भी इसका लाभ दिया गया है. हमारा मानना है कि महिला सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण आधार आत्मनिर्भरता है. अपने फैसले खुद लेने की क्षमता और अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास. इसी सोच के साथ हमने ‘दुर्गा योजना’ की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से दिल्ली की 1,100 बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है.
