jansamwad tvjansamwad tvjansamwad tv
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Reading: उत्तराखंड की 2 ग्लेशियर झीलों का होगा वैज्ञानिक सर्वे, सरस्वती ताल-केदारताल के लिए विशेषज्ञ दल रवाना
Share
Font ResizerAa
jansamwad tvjansamwad tv
Font ResizerAa
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » उत्तराखंड की 2 ग्लेशियर झीलों का होगा वैज्ञानिक सर्वे, सरस्वती ताल-केदारताल के लिए विशेषज्ञ दल रवाना
उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड की 2 ग्लेशियर झीलों का होगा वैज्ञानिक सर्वे, सरस्वती ताल-केदारताल के लिए विशेषज्ञ दल रवाना

News Desk
Last updated: September 9, 2026 7:46 am
News Desk
Share
SHARE

देहरादून। प्रदेश में ग्लेशियर झीलों से संभावित जोखिमों को कम करने तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चमोली जनपद स्थित सरस्वती ताल तथा उत्तरकाशी जनपद स्थित केदारताल के सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ दल मंगलवार को रवाना हो गया है।

Contents
About The AuthorNews Desk

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए विशेषज्ञ दल को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में स्थित संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का व्यापक सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है।

इसके अंतर्गत झीलों की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, आकार में होने वाले परिवर्तन, आसपास के भू-भाग की स्थिति तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों का आकलन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित खतरे की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक समय रहते चेतावनी पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए आधुनिक सेंसर, जलस्तर मापक उपकरण, संचार प्रणाली तथा अन्य आवश्यक तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि ग्लेशियर झीलों से संभावित आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक एवं जोखिम न्यूनीकरण उपायों पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी मार्ग, संभावित प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन, संचार व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर चेतावनी तंत्र तथा राहत एवं बचाव की तैयारियों को मजबूत किया जाएगा।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड में कुल 13 ग्लेशियर झीलों को संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है।

इनमें से 04 ग्लेशियर झीलों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जबकि शेष संवेदनशील झीलों का भी चरणबद्ध तरीके से सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इसी क्रम में चमोली जनपद स्थित सरस्वती ताल तथा उत्तरकाशी जनपद स्थित केदारताल का बैथीमेट्री सर्वेक्षण करने के लिए विशेषज्ञ दल को रवाना किया गया है।

सर्वेक्षण के दौरान दोनों ग्लेशियर झीलों की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, संभावित खतरे के कारकों तथा डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।

सचिव सुमन ने बताया कि सरस्वती ताल लगभग 5700 मीटर तथा केदारताल लगभग 4750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अत्यधिक ऊंचाई एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित इन झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

वहीं माननीय उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग श्री विनय रुहेला तथा ले. कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी (सेवानिवृत्त) ने भी विशेषज्ञ दल को शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जेसीईओ श्री दिनेश कुमार पुनेठा आदि उपस्थित रहे।

विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों की संयुक्त भागीदारी

सर्वेक्षण अभियान में विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों एवं सुरक्षा बलों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। विशेषज्ञ दल में यूएसडीएमए, यूएलएमएमसी, बाबा साहनी पुराविज्ञान संस्थान लखनऊ, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, एनआईएच रुड़की, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञ शामिल हैं।

विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की संयुक्त भागीदारी से ग्लेशियर झीलों की स्थिति, संभावित जोखिमों तथा डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव का बहुआयामी एवं वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा।

दल में रोहित कुमार (यूएसडीएमए, देहरादून), निखिल पुनिया (यूएसडीएमए, देहरादून), डॉ. विशाल (यूएलएमएमसी, देहरादून), दीपक भट्ट (यूएलएमएमसी, देहरादून), डॉ. शेख नवाज अली (बीएसआईपी, लखनऊ), शुभजीत घोष (बीएसआईपी, लखनऊ)।

प्रकाश रंजन जेना (बीएसआईपी, लखनऊ), डॉ. पिंकी बिष्ट (वाडिया, देहरादून), स्वप्निल बिष्ट (वाडिया, देहरादून), शिव्यांक सिंह नेगी (वाडिया, देहरादून), शिव शंकर यादव (एनआईएच, रुड़की)।

डॉ. शिवानंद मंडराहा (एनआईएच, रुड़की), नितेश खेतवाल (एसडीआरएफ, देहरादून), संदीप सिंह (एसडीआरएफ, देहरादून), सचिन कुमार (एनडीआरएफ, गदरपुर), मनीष कुमार (एनडीआरएफ, गदरपुर)।

महेंद्र (जिला चमोली), मनोज सिंह (जिला चमोली), शार्दुल गुसाईं, डीडीएमओ (जिला उत्तरकाशी) तथा इंजी. नरेंद्र सिंह रावत (जिला उत्तरकाशी) शामिल हैं।

highlights

Toggle
  • About The Author
    • News Desk

About The Author

News Desk

See author's posts

    Subscribe to Our Newsletter
    Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
    [mc4wp_form]
    Share This Article
    Email Copy Link Print
    Previous Article उत्तराखंड BJP की बड़ी बैठक आज, 597 पदाधिकारी जुटेंगे; 2027 की रणनीति पर होगा मंथन
    Next Article हिमाचल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका बनने का रास्ता आसान, आय सीमा 50 से बढ़कर 75 हजार होगी
    Leave a Comment

    Leave a Reply Cancel reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Might Also Like

    उत्तराखंडराज्य

    हल्द्वानी विवाद के बीच सियासी पारा चढ़ा, गोदियाल ने भाजपा पर लगाए ध्रुवीकरण के आरोप

    देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से हल्द्वानी में राहुल गांधी…

    3 Min Read
    रोजगार
    उत्तर प्रदेशराज्य

    रोजगार और उद्योग को जोड़ने के लिए हर जनपद में बनेंगे ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र’

    उद्योग के साथ कौशल और प्लेसमेंट: मुख्यमंत्री ने ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ की कार्ययोजना को दी सैद्धांतिक मंजूरी प्रत्येक…

    4 Min Read
    पंजाबराज्य

    आम आदमी क्लीनिकों ने 2000 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य खर्च में दी राहत, डिजिटल और पारदर्शी सेवा

    चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच से शुरू किए गए “आम आदमी क्लीनिक ” आज पंजाब में जनस्वास्थ्य का…

    2 Min Read
    वनाग्नि प्रबंधन समिति
    उत्तराखंडराज्य

    रूद्रपुर में जिला स्तरीय वनाग्नि प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न

    रूद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय वनाग्नि प्रबन्धन समिति की बैठक लेते हुए…

    2 Min Read
    jansamwad tv

    यदि आपको “https://jansamwadtv.com/” पर छपी किसी सामग्री या वीडियो कंटेंट में सम्पादकीय आचार संहिता की चूक को लेकर कोई शिकायत है तो आप Contact@jansamwadtv.com E-mail कर अपनी शिकायत हमारे Grievance Officer को भेज सकते हैं।

    विज्ञापन के लिए संपर्क करें:

    contact@jansamwadtv.com

    • Privacy Policy
    • About us
    • Disclamer
    • Contact Us
    Reading: उत्तराखंड की 2 ग्लेशियर झीलों का होगा वैज्ञानिक सर्वे, सरस्वती ताल-केदारताल के लिए विशेषज्ञ दल रवाना
    Share

    © Jansamwadtv. All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?

    Forget Password