गाजियाबाद। दिल्ली से सटे लोनी क्षेत्र में आशियाना बनाने के लिए जमीन तलाश रहे लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है। गाजियाबाद में संपत्ति बेचने में फर्जीवाड़ा करने वाले सबसे अधिक लोग लोनी में ही मिले हैं।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने तीनों तहसील क्षेत्र में संपत्ति बेचने में फर्जीवाड़ा करने वालों को चिह्नित करने के लिए सभी एसडीएम व तहसीलदार को निर्देश देकर पांच दिवसीय अभियान चलाया तो इसका पता चला है। इन आरोपितों को अब जिला प्रशासन द्वारा भूमाफिया घोषित करने की तैयारी है।
दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा में जमीन की कीमतें आसमान छू रही
दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। यही वजह है कि गाजियाबाद में कृषि भूमि पर प्लाटिंग कर कच्ची कॉलोनी बसाई जाती है। बड़ी संख्या में लोग इन कॉलोनियों में रहते हैं। इन कॉलोनियों में जमीन की दर कम होती है, ऐसे में जो लोग महंगे फ्लैट या फिर प्राधिकरण से नक्शा पास कॉलोनियों में प्लॉट या मकान नहीं खरीद पाते हैं, वो लोग इन कॉलोनियों में आशियाना बनाने का प्रयास करते हैं।
इन कॉलोनियों में भूमाफिया द्वारा कई बार एक प्लाट ही दो या उससे अधिक लोगों को बेच दिया जाता है। इस तरह की कई शिकायतें जिलाधिकारी के पास पहुंची, हाल ही में रामपुर के एक परिवार ने भी यही शिकायत की तो जिलाधिकारी ने आठ घंटे में पीड़ित को न्याय दिलाया।
संपत्ति बेचने में फर्जीवाड़ा करने वालों को चिह्नित करने के लिए चला अभियान
इसके बाद सभी तहसील में संपत्ति बेचने में फर्जीवाड़ा करने वालों को चिह्नित करने के लिए पांच दिवसीय अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया, जिन्होंने तीन या उससे अधिक लोगों को जमीन बेचने में फर्जीवाड़ा किया है।
तहसील प्रशासन की रिपोर्ट अब जिलाधिकारी को मिल गई है। इसमें 13 लोगों को चिह्नित किया गया है, इन 13 में से दस लोग लोनी तहसील क्षेत्र, दो तहसील सदर क्षेत्र और एक मोदीनगर क्षेत्र के हैं।
चिह्नित किए गए आरोपितों के खिलाफ उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर सक्षम स्तर पर जांच की जा रही है। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। भूमि संबंधी अपराधों में संलिप्त लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। – रविंद्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी

