jansamwad tvjansamwad tvjansamwad tv
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Reading: हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन पर मंथन: 1972 के बाद से 12 पर अटकी है जिलों की संख्या, जानिए क्या हैं चुनौतियां
Share
Font ResizerAa
jansamwad tvjansamwad tv
Font ResizerAa
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन पर मंथन: 1972 के बाद से 12 पर अटकी है जिलों की संख्या, जानिए क्या हैं चुनौतियां
राज्यहिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन पर मंथन: 1972 के बाद से 12 पर अटकी है जिलों की संख्या, जानिए क्या हैं चुनौतियां

TRIPTY SRIVASTAVA
Last updated: October 15, 2026 10:36 am
TRIPTY SRIVASTAVA
Share
SHARE

शिमला। हिमाचल प्रदेश में 54 साल बाद नए जिले बनाने की संभावनाओं पर फिर से मंथन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की सरकार ने प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए आयोग गठित किया है। हालांकि, अभी किसी नए जिले के गठन की घोषणा नहीं हुई है। जिला, उपमंडल व तहसील बनाने की मांग कोई नई नहीं है।

Contents
About The AuthorTRIPTY SRIVASTAVA

वीरभद्र सिंह ने नकार दी थी मांग

सबसे पहले वीरभद्र सरकार में रामपुर को जिला बनाने की मांग उठी थी। वीरभद्र सिंह ने स्पष्ट इन्कार किया था। वह संगठनात्मक जिला बनाने के भी विरोधी थे। उनका तर्क था कि आने वाले समय में संगठनात्मक जिले ही जिलों की मांग करेंगे जो प्रशासनिक खर्च को बढ़ाएंगे।

धूमल व जयराम कार्यकाल में भी उठी मांग

इसके बाद प्रेमकुमार धूमल व जयराम ठाकुर के समय में भी यह मांग उठी। नए जिले तो बने नहीं सोलन जिला के बद्दी, कांगड़ा जिला के नुरपूर व देहरा को पुलिस जिला बनाकर यहां एसपी की तैनाती की गई।

उपमंडल, तहसील व उप तहसीलें हर सरकार में बनती रही है। सबसे ज्यादा तहसील व उप तहसील वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में बनी थी। हाल ही में सुक्खू सरकार ने जसवां परागपुर में भी उपमंडल बनाकर यहां एसडीएम की तैनाती की है।

1972 में आखिरी बार बने थे तीन नए जिले

हिमाचल प्रदेश में आखिरी बार एक सितंबर 1972 को जिलों का पुनर्गठन हुआ था। उस समय हमीरपुर, ऊना और सोलन तीन नए जिले बनाए गए थे। इसके बाद प्रदेश में जिलों की संख्या 12 पर स्थिर है। अब पांच दशक से अधिक समय बाद जिलों की व्यवस्था की समीक्षा से अलग जिला बनाने की मांग कर रहे क्षेत्रों की उम्मीदें बढ़ी हैं।

नई इकाइयां बनाने के साथ खर्च भी बड़ी चुनौती

प्रदेश पर करीब 1.04 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। सरकार खर्च में कटौती और वित्तीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दे रही है। ऐसे में नए जिले बनाने के फैसले के साथ वित्तीय पहलू भी महत्वपूर्ण होगा। जिला बनने पर उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों की तैनाती के अलावा विभिन्न विभागों के कार्यालय, भवन, वाहन और कर्मचारियों की व्यवस्था करनी होगी। इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

विधानसभा में सरकार ने नए जिलों के प्रस्ताव से किया था इन्कार

भाजपा विधायक डा. जनक राज ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में चार नए जिले बनाने की संभावनाओं और एक जिला गठित करने पर आने वाले खर्च को लेकर सवाल पूछा था। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने उस समय सदन को बताया था कि नए जिलों के गठन का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। अब आयोग के गठन से पूरे प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई है। इसे नए जिले बनाने की मंजूरी के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

1948 में चार जिलों से शुरू हुआ था सफर

  • 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल प्रदेश के गठन के समय महासू, मंडी, चंबा और सिरमौर चार जिले थे।
  • वर्ष 1960 में कांगड़ा, लाहुल-स्पीति, कुल्लू और शिमला जिले बने।
  • वर्ष 1966 में महासू जिले का अस्तित्व समाप्त होने के बाद किन्नौर जिला बना।
  • वर्ष 1972 में हमीरपुर, ऊना और सोलन के गठन से जिलों की संख्या 12 हो गई। वर्तमान में प्रदेश में 12 जिले, 81 उपमंडल, 92 विकास खंड तथा 193 तहसीलें और उपतहसीलें हैं। अब आयोग की रिपोर्ट बताएगी कि बदलती प्रशासनिक जरूरतों के बीच प्रदेश के नक्शे में कितना बदलाव होगा और लंबे समय से जिला बनाने की मांग कर रहे क्षेत्रों को राहत मिलने की कितनी संभावना है।

वीरभद्र सिंह ने कांगड़ा को बनाया था दूसरी राजधानी

वीरभद्र सिंह जब मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने कांगड़ा को दूसरी राजधानी का दर्जा दिया था। कांगड़ा में शीतकालीन प्रवास व विधानसभा सत्र की शुरूआत की थी। इसका मकसद यही था कि लोगों को शिमला न आना पड़े। हालांकि दूसरी राजधानी का दर्जा केवल कागजों तक ही रहा। वर्तमान सरकार ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित किया है।

highlights

Toggle
  • About The Author
    • TRIPTY SRIVASTAVA

About The Author

Avatar

TRIPTY SRIVASTAVA

See author's posts

    Subscribe to Our Newsletter
    Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
    [mc4wp_form]
    Share This Article
    Email Copy Link Print
    Previous Article धामी सरकार का बड़ा फैसला: स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹13.48 करोड़ और 21 अशासकीय कॉलेजों के वेतन के लिए ₹77.69 करोड़ मंजूर
    Next Article हिमाचल में प्रशासनिक ढांचे का होगा पुनर्गठन: नए जिलों और तहसीलों की समीक्षा के लिए गठित आयोग 6 महीने में देगा रिपोर्ट
    Leave a Comment

    Leave a Reply Cancel reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Might Also Like

    राज्यहिमाचल प्रदेश

    विधानसभा चुनाव से पहले हिमाचल कांग्रेस का बड़ा कदम: हर जिले में बनेगा पार्टी का अपना स्थायी कार्यालय

    शिमला। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले कांग्रेस ने संगठन को जमीन पर मजबूत करने के…

    2 Min Read
    उत्तराखंडराज्य

    संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक, भगवानपुर में बोले मुख्यमंत्री धामी

    भगवानपुर (रुड़की)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम चुड़ियाला स्थित सीएमडी इंटर कालेज में संत शिरोमणि रविदास की…

    2 Min Read
    उत्तर प्रदेशराज्य

    ‘ईरान मिसाइल दुबई पर मार रहा था तकलीफ इन्हें होती थी, क्योंकि…’, CM योगी का विरोधियों पर हमला

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में पीआरडी जवानों के सम्मेलन में बिना किसी का नाम लिए विरोधियों पर…

    8 Min Read
    राज्यहिमाचल प्रदेश

    न्यू हरोली में 3.50 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य ‘पूर्व सैनिक भवन’: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का बड़ा ऐलान

    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान तथा…

    3 Min Read
    jansamwad tv

    यदि आपको “https://jansamwadtv.com/” पर छपी किसी सामग्री या वीडियो कंटेंट में सम्पादकीय आचार संहिता की चूक को लेकर कोई शिकायत है तो आप Contact@jansamwadtv.com E-mail कर अपनी शिकायत हमारे Grievance Officer को भेज सकते हैं।

    विज्ञापन के लिए संपर्क करें:

    contact@jansamwadtv.com

    • Privacy Policy
    • About us
    • Disclamer
    • Contact Us
    Reading: हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन पर मंथन: 1972 के बाद से 12 पर अटकी है जिलों की संख्या, जानिए क्या हैं चुनौतियां
    Share

    © Jansamwadtv. All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?

    Forget Password